आरएनआरएल ने गैस विवाद पर सरकार की याचिका खारिज करने की मांग की
अनिल अंबानी समूह की कंपनी रिलायंस नेचुरल रिसोर्सेज लिमिटेड (आरएनआरएल)द्वारा दाखिल की गई याचिका में कहा गया है कि सरकार का यह तर्क कि रिलायंस इंडस्ट्रीज किसी पक्ष को सरकार की अनुमति के बिना गैस नहीं बेच सकती, स्वीकार करने के योग्य नहीं है।
याचिका में कहा गया है, "उत्पादन-साझेदारी करार करारकर्ताओं को मार्केटिंग की स्वतंत्रता देता है। उत्पादन-साझेदारी करार को पढ़ने से और सरकार द्वारा संसद में दिए गए बयान से यह तथ्य सही साबित होता है।"
कंपनी ने आगे कहा है कि रिलायंस इंडस्ट्रीज के साथ उसका समझौता अंबानी भाइयों के बीच कारपोरेट पुनर्गठन योजना का हिस्सा था जिसमें सरकार की कोई भूमिका नहीं थी।
"आपसी सहमति से तय की गई गैस आपूर्ति व्यवस्था किसी अन्य आपूर्तिकर्ता द्वारा की गई व्यावसायिक गैस आपूर्ति व्यवस्था की तरह है जिसमें उत्पादन-साझेदारी करार के प्रावधानों के तहत उसका हिस्सा मिलेगा। "
रिलायंस नेचुरल गैस ने कहा है कि सरकार को गैस आपूर्ति के लिए रिलायंस इंडस्ट्रीज के साथ हुए उसके समझौते की पहले से जानकारी थी और यह कहना गलत है कि उसे बंबई उच्च न्यायालय के आदेश के बाद समझौते के बारे में पता चला।
गौरतलब है कि 15 जून को बंबई उच्च न्यायालय ने गैस विवाद मामले में अनिल अंबानी समूह के पक्ष में फैसला करते हुए अपने आदेश में कहा था कि रिलायंस इंडस्ट्रीज प्रतिदिन 2 करोड़ 80 लाख यूनिट गैस 2.34 डॉलर प्रति यूनिट की आपूर्ति अनिल अंबानी समूह की कंपनी को करे।
रिलायंस इंडस्ट्रीज ने बंबई उच्च न्यायालय के फैसले को सर्वोच्च न्यायालय में चुनौती दी थी। सर्वोच्च न्यायालय ने सभी संबंधित पक्षों को अपने जवाब और संलग्नक दाखिल करने के अनुमति देकर गैस विवाद की सुनवाई की तिथि 20 अक्टूबर तय की थी।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।
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