13 सप्ताह बाद मुद्रास्फीति की दर 0.12 फीसदी हुई (लीड-1)
वर्ष 1995 में नए थोक मूल्य सूचकांक के शुरू होने के बाद से इस साल पहली बार छह जून को मुद्रास्फीति की दर नकारात्मक स्थिति में पहुंची थी। इससे पहले 1977 में मुद्रास्फीति की दर नकारात्मक स्थिति में पहुंची थी।
नकारात्मक मुद्रास्फीति से आशय औसत थोक मूल्य का संबंधित सप्ताह के दौरान पिछले वर्ष की समान अवधि की तुलना में कम होना है। यह जरूरी नहीं कि इससे खुदरा मूल्यों का पता चले।
गुरुवार को जारी आधिकारिक आंकड़ों के मुताबिक पांच सितंबर को समाप्त सप्ताह के दौरान प्राथमिक वस्तुओं, विनिर्मित उत्पादों और ईंधन, बिजली और स्नेहक के सूचकांकों में बढ़ोतरी दर्ज की गई।
इस दौरान प्राथमिक वस्तुओं का सूचकांक 1.3 फीसदी बढ़कर 271.2 से 274.7 हो गया। इसी तरह विनिर्मित वस्तुओं के सूचकांक में 0.1 फीसदी की मामूली वृद्धि हुई और यह 207.9 से बढ़कर 208.1 हो गया।
ईंधन, बिजली और स्नेहक सूचकांक भी मामूली बढ़कर 343.3 से 343.4 हो गया।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


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