भगत सिंह के सहयोगी राम सिंह का निधन
भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी के सदस्य राम सिंह अंडमान सेलुलर जेल के हीरो के रूप में लोकप्रिय थे। इस जेल को ब्रिटिश काल में काला पानी भी कहा जाता था।
सिंह को अजमेर के डोगरा गोलीकांड और बाद में 1935 के दिल्ली षड़यंत्र के मामले में आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई थी और उन्हें अंडमान में रखा गया था। सिंह को 1936 में अंडमान भेजा गया था लेकिन बाद में उन्हें वहां से लखनऊ जेल स्थानांतरित कर दिया गया। वर्ष 1941 में लखनऊ जेल से ही उन्हें रिहा किया गया था।
सिंह का जन्म 11 अप्रैल 1911 को अजमेर में हुआ था। उन्होंने 1929 में कांग्रेस प्रतिनिधि के रूप में लाहौर सम्मेलन में हिस्सा लिया था। आगरा में उन्होंने शहीद भगत सिंह स्मारक समिति की स्थापना की थी।
सिंह अविवाहित थे और उन्होंने कम्युनिस्ट पार्टी को ही अपना परिवार माना था।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।
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