इशरत की मां सर्वोच्च न्यायालय पहुंचीं
मजिस्ट्रेट की जांच रिपोर्ट में इशरत को निर्दोष बताया गया है और उसके मारे जाने को सुनियोजित करार दिया गया है। गुजरात पुलिस ने 2004 में आतंकवादी होने का आरोप लगाकर इशरत और उसके तीन अन्य साथियों को गोली मार दी थी।
शमीमा कौसर ने सर्वोच्च न्यायाललय से अपील की है कि गुजरात उच्च न्यायालय के 9 सितंबर के फैसले को निलंबित किया जाए। उच्च न्यायालय ने अहमदाबाद के महानगरीय दंडाधिकारी एम.पी. तमांग की जांच रिपोर्ट को निलंबित कर दिया था।
कौसर ने मांग की कि सर्वोच्च न्यायालय उसकी बेटी से जुड़े मामले के सभी दस्तावजे तलब करे। क्योंकि उन्हें डर है कि राज्य सरकार के कब्जे में इन दस्तावेजों से छेड़छाड़ की जा सकती है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।
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