कृषि और पर्यावरण में तकनीकी वस्त्रों के प्रयोग पर कार्यशाला
कार्यशाला में विभिन्न क्षेत्रों जैसे कृषि, राज्य सरकारों, कृषि विश्वविद्यालयों, वन विभागों और संस्थानों के 100 से अधिक प्रतिनिधि कार्यशाला में भाग लेंगे और केन्द्र तथा राज्य सरकारों के वरिष्ठ अधिकारी उन्हें संबोधित करेंगे।
कृषि के क्षेत्र में इस्तेमाल होने वाले तकनीकी वस्त्र उत्पादों को एग्रोटेक और पर्यावरण संरक्षण के काम में लाए जाने वाले उत्पादों को ओइकोटेक कहते हैं। इसके अंतर्गत वे उत्पाद आते हैं जो गड्ढों में हानिकारक कचरे के रिसाव से जमीन को सुरक्षित रखते हैं।
कृषि क्षेत्र में तकनीकी वस्त्र शेड-नेट, क्रॉप-कवर, ओलारोधी जाल, पक्षियों की सुरक्षा के जाल, मछली पकड़ने के जाल और ग्रीन हाउस कवर तैयार करने के काम आते हैं। भारतीय कृषि के संदर्भ में इन वस्तुओं का प्रयोग बहुत सीमित है।
बेकार की ऊबड़-खाबड़ भूमि पर कचरे का निपटान करने में मुख्य रूप से ओइकोटेक का इस्तेमाल किया गया है। तकनीकी वस्त्रों के इन उत्पादों की खपत सीमित है। तेजी से हुए शहरीकरण के कारण कचरे का प्रबंधन भारत में एक मुख्य समस्या बन गया है और ओइकोटेक पर्यावरण हितैषी तरीके से कचरे के कारगर निपटान के काम में आता है।
इस कार्यशाला का उद्देश्य कृषि और पर्यावरण इंजीनियरी में तकनीकी वस्त्रों के असंख्य प्रयोगों के बारे में सुग्राही बनाना और इन वस्तुओं के लोगों के बारे में हितधारकों में जागरूकता पैदा करना है।
कार्यशाला में उन विभिन्न नियमों कानूनों पर भी ध्यान केन्द्रत किया जाएगा जिन्हें संशोधित करने की आवश्यकता है ताकि इन वस्त्रों का विभिन्न तरीकों से इस्तेमाल किया जा सके।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


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