माल भाड़ा कॉरीडोर के लिए जापान से ऋण लेने को मंजूरी (लीड-1)
प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह की अध्यक्षता में हुई मंत्रिमंडल की बैठक के बाद सूचना एवं प्रसारण मंत्री अंबिका सोनी ने कहा, "सरकार ने गुरुवार को कॉरीडोर के क्रियान्वयन के लिए जापान से विदेशी विकास सहयोग के तहत ऋण लेने की मंजूरी दे दी।"
सोनी ने कहा कि पहले चरण के लिए जापान 17,700 करोड़ रुपये का आसान ऋण मुहैया करवाएगा। इसकी शुरुआत 130 करोड़ रुपये के इंजीनियरिंग सेवा ऋण से होगी। पहले चरण में रेवाड़ी-वड़ोदरा खंड को पूरा किया जाएगा।
कॉरीडोर की शुरुआत नवी मुंबई के जवाहरलाल नेहरू पोर्ट ट्रस्ट से होगी और महाराष्ट्र, गुजरातऔर राजस्थान होते हुए यह उत्तर प्रदेश के दादरी तक जाएगा।
सोनी ने कहा, "ऋण पर ब्याज की दर बहुत कम यानी 0.2 फीसदी प्रतिवर्ष होगी। भुगतान की अवधि 30 से 40 वर्षो की होगी और 10 वर्षो तक ऋण चुकाने से छूट मिलेगी।"
ऋण की शर्तो के मुताबिक परियोजना की मुख्य ठेकेदार जापानी कंपनी होगी। आर्थिक भागीदारी की विशेष शर्तो के तहत वित्तीय सहायता प्राप्त ठेकों (परामर्श सेवाओं सहित) की कुल राशि का 30 प्रतिशत जापान से मंगाए गए माल एवं जापान से प्राप्त सेवाओं पर खर्च होना चाहिए। परामर्श सेवाओं के मामले में मुख्य ठेकेदार जापानी कंपनी या संयुक्त उपक्रम (भारतीय भागीदार के साथ) होगा। इसमें जापानी भागीदार का हिस्सा ठेके की राशि के 50 प्रतिशत से अधिक होगा।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।
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