शिक्षा एजेंटों पर कड़ी कार्रवाई कर रहा आस्ट्रेलिया (लीड-1)
भारत में कार्यवाहक आस्ट्रेलियाई उच्चायुक्त लैचलन स्ट्राहैन ने कहा कि छात्रों की ओर से वीजा आवेदन पत्रों में फर्जी दस्तावेज लगाना अस्वीकार्य है। ये कदम इसलिए उठाए जा रहे हैं ताकि उपयुक्त छात्र आस्ट्रेलिया में उच्च गुणवत्तायुक्त शिक्षा हासिल करने के साथ ही वहां आनंद का अनुभव करें।
उन्होंने कहा कि यह स्पष्ट संदेश दिया गया है कि आस्ट्रेलिया सरकार छात्र वीजा कार्यक्रम में कोई भी धोखाधड़ी सहन नहीं करेगी।
धोखाधड़ी और खराब मंजूरी दर को देखते हुए आस्ट्रेलियाई सरकार ने विभिन्न देशों में संचालन कर रहे करीब 200 एजेंटों के ऑनलाइन वीजा आवेदन फार्म लेने पर रोक लगा दी है। इनमें से अधिकांश आस्ट्रेलिया के और कुछ भारतीय एजेंट भी हैं।
धोखाधड़ी रोकने के उपायों के तहत साक्षात्कार का स्तर बढ़ाने के साथ ही एजेंटों की आस्ट्रेलिया की ऑनलाइन वीजा व्यवस्था तक पहुंच की समीक्षा की जा रही है। कुछ एजेंटों की वीजा व्यवस्था तक पहुंच को रोका भी जा रहा है। इनके माध्यम से हाल के वर्षो में भारत, ब्राजील और नेपाल से छात्रों की संख्या आस्ट्रेलिया में काफी तेजी से बढ़ी है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


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