भोपाल में स्थापित होगा ग्रामीण प्रौद्योगिकी उपयोग केंद्र : शिवराज
चैाहान ने यह घोषणा गुरुवार को विश्वकर्मा जयंती पर मध्य प्रदेश विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी परिषद द्वारा आयोजित दो दिवसीय ग्रामीण प्रौद्योगिकी पर्व का उद्घाटन करते हुए की। उन्होंने कहा कि विज्ञान और आध्यात्म एक दूसरे के पूरक हैं। भारत में सदैव से ज्ञान तथा विज्ञान की उन्नत परंपरा रही है।
उन्होंने कहा कि विज्ञान और प्रौद्योगिकी की सार्थकता तभी है जब इसका लाभ गरीबों और परंपरागत कारीगरों को मिले। ग्रामीण प्रौद्योगिकी जहां एक ओर ग्रामीण को पूर्ण सक्षम तथा आत्मनिर्भर बनाती है, वहीं गांवों के पर्यावरण एवं संस्कृति के अनुरूप सामाजिक बदलाव लाने में भी सक्षम होती है।
प्रदेश के विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने कहा कि आज जरूरत इस बात की है कि ग्रामीण और जनजातीय वर्ग की ज्ञान-विज्ञान पद्धतियों को सहेजकर उसे आम लोगों की भाषा में उपलब्ध कराएं।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


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