फिजूलखर्ची रोकना ही है तो कानून बने : शरद यादव
यादव ने यहां संवाददाताओं से चर्चा में कहा, "कांग्रेस महासचिव राहुल गांधी तमिलनाडु के दौरे पर जाते हैं और करोड़ों रुपये फूंक आते हैं और दूसरे दिन रेलगाड़ी की चेयर कार बोगी में सफर करते हैं। यह फिजूलखर्ची रोकने का नाटक नहीं तो क्या है। इससे न देश का भला होगा न समाज का। फिजूलखर्ची रोकना ही है तो इसके लिए कानून बनना चाहिए।"
उन्होंने कहा, "कांग्रेस और सरकार के अभियान का आखिर लक्ष्य क्या है। महंगाई तिगुनी हो गई है। राष्ट्रमंडल खेलों पर 30,000 करोड़ रुपये खर्च किए जा रहे हैं। इसका क्या औचित्य है जबकि 90 फीसदी लोग महंगाई, गरीबी और बेरोजगारी से त्रस्त हैं। दरअसल वास्तविक मुद्दों से जनता का ध्यान हटाने के लिए यह पाखंड किया जा रहा है।"
विदेश राज्यमंत्री शशि थरूर पर निशाना साधते हुए यादव ने कहा, "थरूर तो मंत्री बनने के लायक ही नहीं है। उन्हें देश की संस्कृति का कोई ज्ञान नहीं है।" गौरतलब है कि थरूर ने बुधवार को सोशल नेटवर्किं ग वेबसाइट ट्विटर में एक सवाल के जवाब में 'इकोनॉमी श्रेणी' की तुलना 'मवेशी श्रेणी' से की थी।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।
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