ब्याज दरों में हो सकती है वृद्धि : रंगराजन
वैश्विक आर्थिक मंदी पर आयोजित एक सम्मेलन के मौके पर उन्होंने पत्रकारों से कहा, "वित्त वर्ष के अंत तक ब्याज दरों में मामूली वृद्धि हो सकती है।"
उन्होंने कहा कि ऋण वितरण को देखते हुए सुधार के संकेत मिल रहे हैं। उन्होंने कहा, "जैसे-जैसे अर्थव्यवस्था में तेजी आएगी मांग बढ़ेगी। मैं आश्वस्त हूं कि बैंकिंग व्यवस्था के पास ऋण देने के लिए पर्याप्त तरलता है।"
भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) के पूर्व गवर्नर रंगराजन ने हालांकि कहा कि उन्हें नहीं लगता कि आरबीआई उदार नीतियों को तुरंत वापस ले लेगा।
उन्होंने कहा, "हमें सुधार के स्पष्ट संकेत की जरूरत है। जब अर्थव्यवस्था पटरी पर आ जाएगी तभी हम नीतियों को वापस लेने के बारे में सोच सकते हैं। इसे अपरिपक्व नहीं होना चाहिए। जब सुधार के संकेत स्पष्ट दिखने लगें तभी वे इस बारे में सोच सकते हैं।"
वर्तमान स्थिति में आरबीआई को क्या करना चाहिए इस बारे में रंगराजन ने कहा कि उसे स्थिति पर नजर रखनी चाहिए और यह सुनिश्चित करना चाहिए कि व्यवस्था में ज्यादा से ज्यादा तरलता बनी रहे ताकि ज्यादा ऋण मुहैया करवाया जा सके।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


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