भारत तम्बाकू की खपत कम करने के लिए वचनबद्घ : त्रिवेदी
विश्व स्वास्थ्य संगठन के एफ सीटीसी की धारा 17-18 के अधीन गठित कार्यदल की पहली बैठक के उद्घाटन सत्र में बोलते हुए त्रिवेदी ने कहा कि तम्बाकू सेवन से स्वास्थ्य पर पड़ने वाले कुप्रभावों पर ध्यान केन्द्रित करने के अलावा तम्बाकू संबंधी गतिविधियों में कार्यरत लाखों किसानों और कुटीर उद्योग के श्रमिकों के लिए वैकल्पिक रोजगार तलाशने पर ध्यान केन्द्रित करने की आवश्यकता है। त्रिवेदी ने कहा कि तम्बाकू के व्यापारियों ने देश में तम्बाकू नियंत्रण के अनेक गंभीर उपायों के कार्यान्वयन में बाधा डालने के लिए इन दो समस्याओं को अपना हथियार बनाया है ।
त्रिवेदी ने भारत सरकार द्वारा तम्बाकू सेवन पर नियंत्रण के लिए किए गए विभिन्न उपायों पर प्रकाश डाला। उन्होंने सूचित किया कि देश में हर वर्ष करीब 9 लाख लोग तम्बाकू सेवन से मरते हैं। उन्होंने कहा कि भारत ने तम्बाकू सेवन को रोकने के लिए व्यापक कानून बनाए हैं। तम्बाकू व्यवसाय में कार्यरत लोगों को आर्थिक रूप से बेहतर कार्य उपलब्ध कराने के लिए उनका मंत्रालय केन्द्रीय तम्बाकू अनुसंधान संस्था और कृषि अनुसंधान एवं विस्तार निदेशालय के साथ तम्बाकू फ सलों के सार्थक और टिकाऊ विकल्पों की स्थापना में सहयोग कर रहा है। मंत्रालय बीड़ी बनाने वालों के लिए व्यावसायिक प्रशिक्षण पर आधारित कौशल विकसित करने के लिए श्रम और वित्त मंत्रालयों से भी सम्पर्क बनाए हुए है। अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर भी भारत एफ सीटीसी पर हस्ताक्षर करने वाले और विश्व स्वास्थ्य संगठन तथा अन्य अंतर्राष्ट्रीय संगठनों के साथ सतत् सहयोग करने वाले अग्रणी देशों में से एक है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।
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