हाथियों ने उड़ाई ग्रामीणों की नींद
रायपुर से 420 किलोमीटर दूर स्थित सरगावा और चिल्मा गांव से मंगलवार को हाथियों को भगाते समय पांच ग्रामीणों के घायल होने के बाद करीब 20 परिवारों ने अस्थाई तौर पर सुरक्षित स्थानों की ओर रुख किया है।
राज्य के उत्तरी इलाकों सरगुजा, जाशपुर, कोरिआ, कोरबा और रायगढ़ जिलों में करीब एक दशक से इंसान और हाथियों के बीच संघर्ष एक खतरा बना हुआ है। अधिकारी मानते हैं कि राज्य में हाथियों के उपद्रव के दौरान करीब 30 लोगों की मौत हो गई है। यह केवल इस साल में होने वाली मौतों का आंकड़ा है।
अधिकारी कहते हैं कि सरकार इंसान और हाथियों के बीच होने वाले संघर्ष का दीर्घकालीन हल निकालने के भरसक प्रयास कर रही है। सरकार अर्थ मैटर्स फाउंडेशन एनजीओ के साथ मिलकर एक प्रस्ताव पर काम करना चाहती है। इस प्रस्ताव के तहत हाथियों की घुसपैठ वाले गांवों को संकट ग्रस्त इलाका घोषित कर हाथियों को यहां से दूर रखने का प्रयास किया जाएगा।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


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