डिंडौरी जिले में पुलिस गोलीबारी के मामले में एसडीओपी निलम्बित (लीड-1)
डिंडौरी के करंजिया थाने के परसेल गांव के अधिवक्ता नारायण पड़वार के लापता होने के विरोध में मंगलवार को ग्रामीण चक्काजाम कर रहे थे और उन्होंने पुलिस पर पथराव कर वाहन में आग लगा दी थी। प्रदर्शनकारियों के उग्र होने के साथ ही ग्रामीणों और पुलिस की झड़प हो गई। पुलिस ने ग्रामीणों पर फायरिंग कर दी ,जिसमें तीन ग्रामीण मारे गए और आठ गंभीर रुप से घायल हो गए। चार पुलिसकर्मी भी घायल हुए।
इस घटना के लिए अनुविभागीय अधिकारी पुलिस (एसडीओपी) ज़े पी़ उइके को जिम्मेदार मानते हुए राज्य सरकार ने बुधवार को निलम्बित कर दिया है। शहडोल क्षेत्र के पुलिस महानिरीक्षक परशुराम माथुर ने आईएएनएस से चर्चा करते हुए उइके के निलम्बन की पुष्टि की है।
इसी बीच गोलीबारी के लिए जिम्मेदार पुलिस कर्मचारियों के खिलाफ मामला दर्ज किए जाने की मांग को लेकर कांग्रेस ने बुधवार को डिंडौरी बंद का आह्वान किया जो सफ ल रहा। परसेल और डिंडौरी में तनाव को देखते हुए भारी सुरक्षाबल तैनात किया गया है।
मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने घटना पर दुख व्यक्त करते हुए। मृतकों के परिजनों को एक-एक लाख रुपए और घायलों को 25 एवं 10 हजार रूपए की सहायता राशि स्वीकृत की है। गोलीकांड की मजिस्ट्रियल जांच के आदेश दे दिए गए हैं।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


Click it and Unblock the Notifications