दलाई लामा अरूणाचल जाने को स्वतंत्र हैं : कृष्णा
कृष्णा ने समाचार चैनल 'आईबीएन 7' से बातचीत में कहा, "अरूणाचल प्रदेश भारत का अभिन्न अंग है और दलाई लामा भारत में कहीं भी आने-जाने को स्वतंत्र हैं।"
उन्होंने कहा, "एकमात्र सवाल यह है कि वह अपनी इस यात्रा के दौरान किसी भी प्रकार की राजनीतिक टिप्पणी ने करें।"
ज्ञात हो कि दलाई लामा ने अरूणाचल स्थित बौद्ध मठों के शहर तवांग की यात्रा की इजाजत भारत सरकार से मांगी थी। चीन दावा करता रहा है कि तवांग उसका हिस्सा है।
दलाई लामा की नवम्बर महीने में तवांग जाने की योजना है। वहां वे एक अस्पताल का उद्घाटन करेंगे जिसके निर्माण के लिए उन्होंने 20 लाख रुपये दान किए थे।
उनकी इस प्रस्तावित यात्रा पर चीन ने आपत्ति जताई थी। चीनी विदेश विभाग के प्रवक्ता जियांग यू ने संवाददाताओं से बातचीत में कहा था, "हम दलाई लामा की अरूणाचल प्रदेश यात्रा का विरोध करते हैं।"
चीन की इस आपत्ति को धर्मशाला स्थित तिब्बत की निर्वासित सरकार के प्रधानमंत्री सामदोंग रिनपोछे ने बकवास करार दिया है।
उन्होंने कहा, "अरूणाचल प्रदेश ओर उसका तवांग क्षेत्र भारत का अभिन्न अंग है। यदि दलाई लामा जो पिछले 50 वर्षो से भारत में रह रहे हैं और कहीं आते-जाते हैं तो इसमें चीन को क्या परेशानी है।"
उन्होंने कहा, "दलाई लामा चीन के सीमाक्षेत्र में जाएं तो चीन आपत्ति दर्ज करा सकता है लेकिन भारत के मामले में हस्तक्षेप करने का उसको कोई अधिकार नहीं है।"
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।
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