देश की सरकारी कंपनियों ने आईटी पर खर्च किए 3.1 अरब डॉलर !
मार्केट रिसर्च फर्म 'स्प्रिंगबोर्ड रिसर्च' द्वारा किए गए अध्ययन के मुताबिक वित्तीय वर्ष 2007-2011 के बीच 19 फीसदी वार्षिक वृद्धि दर के हिसाब से 2011 तक इन कंपनियों का आईटी सेवाओं पर खर्च बढ़ कर 5 अरब डॉलर तक पहुंच जाने की उम्मीद है।
भारत के सार्वजनिक क्षेत्र में आईटी संभावनाओं पर किए गए अध्ययन में कहा गया है कि आईटी सेवाओं पर आने वाले कुल खर्च का दो तिहाई केंद्र सरकार वहन करेगी। इसमें राज्यों का हिस्सा 22 फीसदी और स्थानीय सरकारों का हिस्सा 11 फीसदी होगा।
निचे पब्लिशिंग हाऊस साइबर मीडिया का कहना है कि स्प्रिंगबोर्ड की रिपोर्ट महत्वपूर्ण क्षेत्रों मसलन स्वास्थ्य, शिक्षा, रक्षा एवं जनसुरक्षा सहित सार्वजनिक क्षेत्र के बाजार की गतिशीलता का पूरा ब्यौरा देती है।
स्प्रिंगबोर्ड में वरिष्ठ शोध विश्लेषक नीलोत्पल चक्रवतीं ने कहा," यूपीए सरकार की सत्ता में वापसी से 5 अरब डॉलर की राष्ट्रीय ई-गवर्नेस योजना सहित ई-गवर्नेस परियोजनाओं में निवेश बढ़ेगा। "
राष्ट्रीय पहचान पत्र, रक्षा क्षेत्र में उपयोग किए जाने वाले संचार उपकरणों की बढ़ती मांग और देश भर के स्कूलों में कंप्यूटर और ब्राडबैंड कनेक्शन की पहुंच से आईटी सेवाओं पर सार्वजनिक क्षेत्र का खर्च बढ़ेगा।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।
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