गरीब देशों के लिए सहायता राशि हड़प रहे हैं धनी देश
लंदन, 16 सितम्बर (आईएएनएस)। जलवायु परिवर्तन से लड़ने के लिए गंभीर प्रयासों का दावा करने वाले विकसित देश ग्रीनहाऊस गैसों का उत्सर्जन कम करने की दिशा में कदम उठाने के लिए विकासशील देशों के लिए निर्दिष्ट सहायता राशि खुद हड़प रहे हैं।
गैर सरकारी अंतरराष्ट्रीय संगठन ऑक्सफैम की रिपोर्ट "बियॉंड ऐड" ने चेताया है कि विकसित देश अगर जलवायु परिवर्तन से लड़ने के लिए गरीब देशों को दी जाने वाली अतिरिक्त सहायता राशि नहीं जारी करते हैं तो 40 लाख से अधिक बच्चों की मौत हो सकती है।
रिपोर्ट में कहा गया है कि धनी देशों को जलवायु परिवर्तन से लड़ने में मदद के लिए गरीब देशों को मिलने वाली वित्तीय सहायता हड़पने के बजाए अपना वादा पूरा करते हुए गरीब देशों को अतिरिक्त सहायता राशि जारी करने के लिए आगे आना चाहिए।
रिपोर्ट में कहा गया है कि विकसित देशों ने विकासशील दशों को जलवायु परिवर्तन से निपटने के लिए जितनी वित्तीय मदद मुहैया कराने वादा किया था अभी तक उसका आधे से भी कम हिस्सा जारी किया गया है।
ऑक्सफैम इंटरनेशनल के मुख्य कार्यकारी अधिकारी जेरेमी हॉब्स ने कहा," जलवायु परिवर्तन से निपटने के लिए गरीब देशों को दी जाने वाली वित्तीय सहायता किसी और मद में खर्च करने के बजाए बढ़ाई जानी चाहिए।"
ऑक्सफैम के मुताबिक अब तक सिर्फ डेनमार्क , नीदरलैंड और ब्रिटेन ने जलवायु परिवर्तन से लड़ने में मदद के लिए विकासशील देशों को अतिरिक्त सहायता राशि जारी की है। ऐसी स्थिति में अगर तत्काल कदम नहीं उठाए गए तो इस वर्ष दिसंबर में कोपेनहेगेन में आयोजित किया जाने वाला जलवायु पर्वितन सम्मेलन विफल हो सकता है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।
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