जलवायु परिवर्तन के कारण जीडीपी में आ सकी है 4-5 फीसदी की कमी
नई दिल्ली, 16 सितम्बर (आईएएनएस)। जलवायु परिवर्तन के कारण वैश्विक तापमान में दो डिग्री सेल्सियस की वृद्धि दक्षिण एशिया के सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) में 4-5 फीसदी की स्थाई गिरावट का सबब बन सकती है।
मंगलवार को जारी विश्व बैंक की एक रिपोर्ट में कहा गया है कि विकसित देश अगर प्रयास करें तो जलवायु परिवर्तन के स्तर को कम करना और दुनिया को इसके दुष्प्रभावों से बचाना संभव है। जलवायु परिवर्तन के स्तर को कम करने के लिए उठाए जाने वाले कदमों पर आने वाली लागत भी अभी इन देशों के लिए बहुत ज्यादा नहीं है। उच्च आय वाले देशों को जलवायु परिवर्तन की समस्या से निपटने के लिए कार्बन उत्सर्जन का स्तर घटाने और वैकल्पिक ऊर्जा स्रोतों का तेजी से विकास करने की जरूरत है।
विश्व बैंक की 'विश्व विकास रिपोर्ट 2010: विकास और जलवायु परिवर्तन' में कहा गया है कि विगत में सबसे ज्यादा ग्रीनहाऊस गैसों का उत्सर्जन करने वाले विकसित देशों को भविष्य में जलवायु का स्तर सामान्य बनाए रखने के लिए प्रयास करना चाहिए।
रिपोर्ट के मुताबिक विकासशील देश विकास को बढ़ावा और गरीबी घटाते हुए कम कार्बन उत्सर्जन करने का रास्ता अपना सकते हैं। लेकिन यह काफी हद तक विकसित देशों से वित्तीय और तकनीकी सहायता पर निर्भर है। भविष्य में विकासशील देश सबसे ज्यादा कार्बन का उत्सर्जन करेंगे।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


Click it and Unblock the Notifications