पर्यावरण के अनुकूल उपायों से ऊर्जा पैदा करे भारत: विश्व बैंक
भारत अभी तक करीब 40 करोड़ नागरिकों को बिजली की सुविधा नहीं दे पाया है। ऐसे में नीति निर्माताओं के लिए ऊर्जा उत्पादन में वृद्धि प्राथमिकता सूची में सबसे ऊपर है।
मंगलवार को दुनिया भर में जारी 'विश्व विकास रिपोर्ट 2010: विकास एवं जलवायु परिवर्तन' में विश्व बैंक ने कहा है कि विकासशील देशों में करीब एक अरब 60 करोड़ लोगों को बिजली की सुविधा उपलब्ध नहीं है। अकेले भारत में 40 करोड़ से अधिक लोगों को बिजली मुहैय्या नहीं है।
" विकासशील देशों में ऊर्जा, परिवहन, शहरीकरण, और कृषि उत्पादन में बड़े पैमाने पर विस्तार की जरूरत है।"
विश्व बैंक ने साथ ही चेताया है कि ऊर्जा और उच्च कार्बन तकनीक वाली अन्य सेवाओं तक बढ़ती पहुंच अधिक ग्रीन हाऊस गैसों का उत्पादन करेगी जिससे जलावायु परिवर्तन ज्यादा तेजी से होगा।
रिपोर्ट में कहा गया है, "भारत स्वच्छ ऊर्जा के सीमित स्रोतों के कारण ग्रीन हाऊस गैसों के उत्सर्जन के मामले में चुनौतियों का सामना कर रहा है।"
"भारत ऊर्जा उत्पादन के लिए काफी हद तक कोयले पर निर्भर करता है। उसकी व्यावसायिक ऊर्जा आपूर्ति के 53 फीसदी हिस्से का उत्पादन कोयले से होता है हालांकि वहां ऊर्जा क्षमता बढ़ाने और बिजली का प्रसारण और वितरण बढ़ाने की काफी संभावनाएं हैं।"
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


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