नक्सलवाद राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए सबसे बड़ा खतरा: प्रधानमंत्री
विज्ञान भवन में राज्यों के पुलिस प्रमुखों के सम्मेलन को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि वह लगातार कह रहे हैं कि नक्सलवाद देश की आंतरिक सुरक्षा के लिए सबसे बड़ा खतरा है और तमाम प्रयासों के बावजूद इस पर पूरी तरह नियंत्रण स्थापित नहीं किया जा सका है।
प्रधानमंत्री ने कहा, "यह चिंता का विषय है कि हमारे प्रयासों के बावजूद प्रभावित राज्यों में हिंसा की घटनाएं बढ़ रही हैं। इस पर नियंत्रण स्थापित करने के लिए बहुआयामी रणनीति की जरूरत है। इसे केवल कानून और व्यवस्था की समस्या नहीं माना जाना चाहिए।"
नक्सली समस्या के बारे में प्रधानमंत्री ने कहा कि नक्सलवादी जनजातियों के एक गुट और कुछ इलाकों में अत्याधिक निर्धनों का समर्थन हासिल करने में कामयाब रहे हैं।
उन्होंने कहा, "इसने समाज में युवाओं और बुद्धिजीवियों के कुछ वर्गो को प्रभावित किया है। इसके प्रभाव में अभी भी वृद्धि जारी है। ये सभी समस्या को जटिल बनाते हैं। मैं आशा करता हूं कि आप इसे ध्यान में रखते हुए समस्या के समाधान के लिए सबसे अच्छी रणनीति बनाएंगे।"
पूर्वोत्तर में हिंसक स्थिति पर चिंता जाहिर करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि मणिपुर और असम में हिंसक घटनाओं से हम चिंतित हैं। उन्होंने कहा कि पूर्वोत्तर में जबरन वसूली और धमकी बड़ी समस्या बनकर सामने आई है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।
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