मप्र में पुलिस गोलीबारी में 3 ग्रामीणों की मौत
शहडोल के पुलिस उप महानिरीक्षक ए़ पी़ सिंह ने आईएएनएस को बताया कि डिंडोरी जिले के करंजिया थाने के परसेल गांव के अधिवक्ता नारायण पडवार पिछले दो माह से लापता हैं। उनके परिजनों की शिकायत पर संभावित आरोपियों के खिलाफ करंजिया थाने में मामला भी दर्ज है। इसके बावजूद मंगलवार को ग्रामीणों ने जबलपुर अमरकंटक मार्ग पर अमलडीह के पास जाम लगाकर उग्र रूप धारण कर लिया। ग्रामीणों ने पुलिस पर पथराव किया और अनुविभागीय अधिकारी (एसडीएम) की जीप में आग लगा दी।
डीआईजी सिंह के मुताबिक ग्रामीणों ने वाहन में आग लगाने, पथराव के बाद पुलिस के हथियार छीनने की कोशिश की। हालात बिगड़ते देख पुलिस जवानों ने फायरिंग कर दी जिसमें तीन लोग मारे गए और 10 ग्रामीण घायल हुए हैं। पथराव में चार पुलिसकर्मियों को भी चोटें आई हैं।
डिंडोरी पुलिस कंट्रोल रूम से मिली जानकारी के अनुसार इस फायरिंग में ब्रजलाल, कैलाश और दिनेश की मौत हुई है। जिला प्रशासन और ग्रामीणों के बीच समझौता वार्ता करंजिया थाने में चल रही है।
डीआईजी सिंह के अनुसार लापता अधिवक्ता नारायण पडवार पैसे के लेन देन का भी कारोबार करते हैं और उन्होंने इशरत नाम के व्यक्ति को डेढ़ लाख रुपये उधार दिए थे। पडवार के परिजनों को शक है कि उसे लापता कराने में इशरत के परिजनों का हाथ है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


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