भारत-चीन सीमा विवाद बातचीत से हल हो : वांग (लीड-1)
इस बीच भारत सरकार ने मंगलवार को उस मीडिया रिपोर्ट का खंडन किया, जिसमें हाल में सिक्किम सीमा पर चीनी सैनिकों की गोलीबारी में दो भारतीय सैनिकों के घायल होने की बात कही गई है। उधर अरूणाचल प्रदेश सरकार ने मंगलवार को राज्य पर चीनी दावे के संदर्भ में केंद्र सरकार से कड़ा रुख अपनाने का आग्रह किया और राज्य में दलाई लामा के प्रस्तावित दौरे का विरोध करने पर चीन की निंदा की।
मुंबई स्थित राजभवन में महाराष्ट्र के राज्यपाल एस.सी जमीर से मुलाकात के दौरान वांग ने कहा भारत और चीन दोनों उभरती वैश्विक ताकतें हैं। उन्होंने कहा, "क्षेत्र में शांति, स्थिरता और विकास दोनों देशों के साथ-साथ पूरे विश्व के हित में है।"
वांग का यह बयान उसी दिन आया है जब भारत ने उन खबरों का खंडन किया है जिनमें कहा गया है कि हाल में सिक्किम में चीनी सैनिकों की गोलीबारी में दो भारतीय सैनिक घायल हो गए।
राज्यपाल एस.सी जमीर ने चीनी राजनयिक का स्वागत करते हुए कहा पूरी दुनिया का भाग्य काफी हद तक इस बात पर निर्भर करेगा कि चीन और भारत किस तरह से आपसी सहयोग बढ़ाते हैं। जमीर ने कहा कि छोटी-छोटी घटनाओं से दोनों देशों के बीच अच्छे संबंधों और शांति को प्रभावित करने की अनुमति नहीं दी जानी चाहिए।
नई दिल्ली में विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता विष्णु प्रकाश ने कहा, "एलएसी (वास्तविक नियंत्रण रेखा) पर चीनी सेनाओं की गोलीबारी में आईटीबीपी (भारत तिब्बत सीमा पुलिस) के दो जवानों के घायल होने संबंधी एक मीडिया रिपोर्ट संज्ञान में आई है। यह रिपोर्ट तथ्यात्मक रूप से गलत है।"
समाचार पत्र 'टाइम्स ऑफ इंडिया' ने दावा किया था कि उत्तरी सिक्किम के केरांग इलाके में एक पखवाड़े पहले गोलीबारी हुई थी। एक शीर्ष खुफिया अधिकारी के हवाले से दी गई रिपोर्ट में कहा गया था कि घटना की संवेदनशीलता को देखते हुए इसे गुप्त रखा गया।
हाल के समय में भारतीय इलाकों में चीनी सैनिकों की घुसपैठ ने भारत के कुछ हलकों में चीन के आक्रामक इरादों को लेकर चिंता पैदा कर दी है।
बहरहाल सरकार ने घुसपैठ की घटनाओं को महत्वहीन करने का प्रयास करते हुए कहा कि वास्तविक नियंत्रण रेखा की स्थिति के बारे में मतभेद के कारण सीमा पर ऐसी घटनाएं सामान्य हैं।
उधर इटानगर में अरूणाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री दोरजी खांडू ने आईएएनएस से कहा, " अरूणाचल प्रदेश पर चीन का दावा आधारहीन और गलत है। अरूणाचल प्रदेश भारत का अभिन्न अंग है और बना रहेगा।"
चीन ने वर्ष 2003 में सिक्किम पर दावा छोड़ दिया था लेकिन वह करीब करीब पूरे अरूणाचल प्रदेश को अपना इलाका बताता है। अरूणाचल प्रदेश में चीन से लगी 1,030 किलोमीटर लंबी बाड़रहित सीमा है।
अरूणाचल प्रदेश से कांग्रेस सांसद तकाम संजय ने आईएएनएस से कहा कि भारत सरकार को अरूणाचल प्रदेश के मुद्दे पर अधिक मुखर रुख अपनाना चाहिए और चीन को स्पष्ट तरीके से जवाब देना चाहिए। चीन के लगातार दावों के बारे में भारत को एक स्पष्ट बयान देने की आवश्यकता है।
चीन ने पिछले सप्ताह भारत को तिब्बती धर्मगुरु दलाई लामा को नवंबर में अरूणाचल प्रदेश के दौरे की अनुमति नहीं देने के लिए कहकर भी एक नया विवाद पैदा कर दिया है। दलाई लामा नवंबर में अरूणाचल प्रदेश स्थित तवांग मठ के दौरे पर जाने वाले हैं।
संजय ने कहा, "दलाई लामा के प्रस्तावित अरूणाचल प्रदेश दौरे में हस्तक्षेप करना चीन का काम नहीं है। हम दलाई लामा के दौरे का स्वागत करते हैं और उनके दौरे की सफलता सुनिश्चित करेंगे।"
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।
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