गंगा नदी बेसिन प्राधिकरण को संवैधानिक शक्तियां दी जाए : विहिप
सिंघल ने यहां संवाददाताओं से बातचीत में कहा, "जब तक गंगा का अविरल प्रवाह अवरूद्ध रहेगा तब तक गंगा को राष्ट्रीय नदी बनाने की कोई भी घोषणा औचित्यहीन साबित होगी।"
उन्होंने कहा, "गंगा नदी बेसिन प्राधिकरण को स्वायत्त संप्रभु निकाय के रूप में सरकार द्वारा संवैधानिक शक्तियां प्रदान की जानी चाहिए। साथ ही इसके दैनिक कार्य संचालन में साधु संतों सहित गंगा से जुड़े सभी प्रमुख वैज्ञनिकों, पर्यावरणविदों और सामाजिक व धार्मिक संगठनों के प्रतिनिधियों को शामिल किया जाना चाहिए।"
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


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