भारत की नजर अब तुर्कमेनिस्तान की गैस पर
बेलारूस में कृष्णा वहां के राष्ट्रपति अलेक्जेंडर लुकाशेंको से भेंट करेंगे और विदेश मंत्री सेर्गेइ मार्टीनोव के साथ व्यापक मुद्दों पर चर्चा करेंगे। भारत और बेलारूस शरीरिक शिक्षा में सहयोग और मिंस्क में एक डिजिटल शिक्षा केंद्र खोलने के लिए समझौतों पर हस्ताक्षर करेंगे।
सरकार के सादगी के मंत्र को देखते हुए कृष्णा फ्रैंकफर्ट होते हुए मिंस्क की यात्रा इकोनॉमी श्रेणी में करेंगे।
कृष्णा शुक्रवार को तुर्कमेनिस्तान की राजधानी अश्गाबात पहुंचेंगे। इस दौरे के दौरान दोनों देशों के विदेश मंत्री सहयोग के एक कार्यक्रम पर हस्ताक्षर करेंगे।
तुर्कमेनिस्तान में वार्ता ऊर्जा क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने पर केंद्रित होगी।
कृष्णा और तुर्कमेनिस्तान के उप प्रधानमंत्री और तेल एवं गैस क्षेत्र के प्रभारी बिमयार्त होजामुहम्मदोव की वार्ता के दौरान दोनों देशों के बीच एक गैस समझौते की भूमिका तय होने की उम्मीद है।
दोनों पक्ष कुछ समय से ठंडे बस्ते में पड़ी तुर्कमेनिस्तान-अफगानिस्तान-पाकिस्तान-भारत गैस पाइपलाइन को पुनर्जीवित करने के मुद्दे पर भी विचारों का आदान प्रदान करेंगे।
उल्लेखनीय है कि तुर्कमेनिस्तान प्रति वर्ष 60 अरब क्यूबिक मीटर गैस का उत्पादन करता है। करीब दो तिहाई गैस का निर्यात रूस की सार्वजनिक तेल कंपनी गैजप्रोम के माध्यम से होता है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


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