नेपाल में हिंदी विवाद से दूर रहीं भारतीय विदेश सचिव
नई दिल्ली के लिए प्रस्थान करने से पूर्व अपने संक्षिप्त संवाददाता सम्मेलन के दौरान बिहार के एक निवासी ने राव से पूछा कि क्या वह नेपाल में हुए बदलाओं को लेकर चकित हैं? यद्यपि यह सवाल हिंदी में पूछा गया था लेकिन राव ने कहा कि वह अंग्रेजी में जवाब देंगी ताकि उनके जवाब को वहां उपस्थित हर कोई समझ सके।
राव ने नेपाल में हिंदी से ऐसे समय में बचने की कोशिश की है, जब नेपाल के पहले उप राष्ट्रपति हिंदी को लेकर कानूनी लड़ाई लड़ रहे हैं।
ज्ञात हो कि झा ने पद व गोपनीयता की शपथ हिंदी भाषा में ली थी। सर्वोच्च न्यायालय ने हिंदी भाषा में ली गई शपथ को असंवैधानिक करार दे दिया है। उसके बाद से झा की स्थिति अनिश्चित बनी हुई है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


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