आतंकवाद से लड़ने के लिए नए युग के पुलिसकर्मियों की जरूरत : प्रधानमंत्री
पुलिस प्रमुखों के तीन दिवसीय सम्मेलन के दूसरे दिन प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन में आतंकवाद के नए स्वरूप से निपटने के लिए तकनीक के इस्तेमाल और नई खोजों का जिक्र किया। गृह मंत्री पी. चिदम्बरम ने भी सोमवार को अपने संबोधन में इसका जिक्र किया था।
उन्होंने कहा, "हमें नए जमाने के पुलिसकर्मियों की जरूरत है जो पेशेवर, कुशल, प्रशिक्षित तथा लक्ष्य से प्रेरित हों और साथ ही तकनीक, जांच और संबंधित अन्य कामों में दक्षता रखते हों। हमारा जोर क्षमता निर्माण पर है ताकि पुलिस व पुलिस थाने सभी आवश्यक उपकरणों व जरूरतों से सुसज्जित हो।"
प्रधानमंत्री ने कहा, "सभी पुलिस थानों को आत्मनिर्भर होना पड़ेगा। उन्हें दंगों और अन्य घटनाओं से निपटने के लिए बेहतर संसाधनों, हथियारों और बेहतर आंकड़ा प्रबंधन तंत्रों से सुसज्जित होने की जरूरत है। हर शहर में आधुनिक पुलिस नियंत्रण कक्ष होना चाहिए।"
पुलिस सेवा में कर्मचारियों की कमी का जिक्र करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि जमीनी स्तर पर पुलिस सेवा को मजबूत किए जाने की आवश्यकता है।
उन्होंने कहा, "हमें पुलिसकर्मियों की संख्या बढ़ानी है। अभी एक लाख व्यक्ति पर महज 145 पुलिसकर्मी है। इस अनुपात को बढ़ाने की आवश्यकता है। इस दिशा में पहला कदम पुलिसकर्मियों की नियुक्ति होगा।"
प्रधानमंत्री ने पुलिसकर्मियों के प्रशिक्षण पर भी जोर दिया। उन्होंने सभी पुलिस प्रमुखों से कहा कि वे बदलते जमाने के साथ पुलिस सेवा में बदलाव लाए।
उन्होंने कहा, "विश्व में तेजी से बदलाव आ रहा है और पुलिस प्रशिक्षण में भी बदलते जमाने के साथ सर्वश्रेष्ठ ढंग से बदलाव लाना होगा।"
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।
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