भारत में पूंजी आगमन पर कोई विपरीत प्रभाव नहीं : अहलूवालिया
अहलूवालिया ने पिट्सबर्ग में आयोजित होने वाले जी20 शिखर सम्मेलन पर आयोजित एक सम्मेलन के मौके पर कहा, "हम इस बात को लेकर चिंतित हैं कि वे कानूनों में सुधार के तहत ऐसे नियम नहीं बनाएंगे जिससे कि विकासशील देशों के खिलाफ भेदभाव समाप्त हो जाए। लेकिन मैं समझता हूं कि भारत में आने वाली पूंजी के प्रवाह पर कोई विपरीत प्रभाव नहीं पड़ेगा। वास्तव में लोग यह महसूस करेंगे कि भारत विकासशील दुनिया में सबसे तेजी के साथ वृद्धि करने वाले देशों में से है।"
अहलूवालिया ने कहा, "मैं नहीं समझता कि हमें अपनी जरूरत के लिए पूंजी पाने में कोई कठिनाई होगी। हां, इस मामले में 2007 जैसी स्थिति भले नहीं होगी, लेकिन उस तरह की पूंजी का आगमन वास्तव में हमारी जरूरत से ज्यादा भी था।"
'इंटरनेशनल कोऑपरेशन इन टाइम्स ऑफ ग्लोबल क्राइसिस : व्यूज फ्रॉम जी20 कंट्रीज (वैश्विक संकट के समय अंतर्राष्ट्रीय सहयोग : जी20 देशों के विचार)' विषय पर आयोजित इस सम्मेलन का आयोजन इंडियन काउंसिल फॉर रिसर्च ऑन इंटरनेशनल इकोनॉमिक रिलेसंस (आईसीआरआईईआर) की ओर से किया गया था।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।
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