जेट एयरवेज की उड़ानें सामान्य, हड़ताल से 200 करोड़ रुपये का नुकसान (राउंडअप)
करीब 500 पायलटों की पांच दिन से जारी हड़ताल के कारण निजी विमानन कंपनी को लगभग 200 करोड़ रुपये का नुकसान झेलना पड़ा। इस बीच यात्रियों को अपनी ओर फिर से लुभाने के प्रयास के तहत जेट एयरवेज और जेट एयरवेज कनेक्ट ने सोमवार से अगले पांच दिनों तक किराए में 50 प्रतिशत की छूट देने की घोषणा की है।
जेट प्रबंधन ने चार बर्खास्त पायलटों को वापस लेने और हड़ताली पायलटों के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं करने का फैसला किया है। जेट के कार्यकारी निदेशक सरोज दत्त ने शनिवार रात मीडिया को समझौते के प्रमुख बिंदुओं की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि एक सौहार्दपूर्ण समझौता हो गया है और पायलट तत्काल काम पर लौटेंगे।
उन्होंने कहा कि कंपनी मुंबई उच्च न्यायालय में लंबित एक अवमानना याचिका को भी आगे नहीं बढ़ाएगी जिसकी सुनवाई सोमवार को होनी है।
एक अधिकारी ने बताया कि यहां के छत्रपति शिवाजी अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे पर रविवार की सुबह से यात्री उड़ान पकड़ने के लिए आने लगे।
अंतर्राष्ट्रीय मार्गो पर मुंबई-दुबई और दुबई-मुंबई के लिए उड़ानें आरंभ हुईं। घरेलू मार्गो पर मुंबई-दिल्ली, वड़ोदरा-मुबंई, दिल्ली-मुंबई, मुंबई-बेंगलुरू, मुंबई-मैंगलोर, मुंबई-हैदराबाद, मुंबई-चेन्नई, अहमदाबाद-दिल्ली, दिल्ली-लखनई, दिल्ली-वड़ोदरा, मदुरई-चेन्नई, चेन्नई-कोयंबटूर और चेन्नई-बेंगलुरू की उड़ानें हुईं।
रविवार तड़के जेट एयरवेज के चेयरमैन नरेश गोयल ने कहा कि एक संतोषजनक समझौता हो गया है। पालयटों ने शनिवार मध्य रात्रि से कुछ समय पहले अपनी हड़ताल वापस ले ली।
उन्होंने एक बयान में कहा, "पायलटों के काम लौटने के साथ ही एयरलाइन अपनी सेवाओं को पूरी तरह सुचारू कर लेगी।"
पायलटों के संघ नेशनल एविएटर्स गिल्ड (एनएजी) के गिरीश कौशिक ने कहा कि विवाद खत्म हो गया है और पायलट अपने काम पर लौट जाएंगे। उन्होंने कहा, "एक संतोषजनक समझौता हो गया है। यह एक परिवार में गलतफहमी की तरह था।"
मुंबई से कांग्रेस सांसद संजय निरुपम ने कहा कि एयरलाइन प्रबंधन द्वारा बर्खास्त किए गए चार पायलटों को बहाल करने सहित कई मुद्दों पर सहमति बनी है। पिछले पांच दिनों से जारी हड़ताल को खत्म कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले निरुपम ने कहा कि मजदूर संघ के मुद्दे के बारे में कोई भी फैसला रजिस्ट्रार ऑफ ट्रेड यूनियन करेंगे।
जेट के कार्यकारी निदेशक सरोज दत्त ने रविवार दोपहर में मीडियाकर्मियों को बताया कि औसतन 24,000 यात्री प्रतिदिन उनकी अंतर्राष्ट्रीय और घरेलू विमान सेवा का उपयोग करते हैं।
दत्त ने कहा, "प्रतिदिन औसतन 80 लाख डॉलर (40 करोड़ रुपये) का राजस्व आता है। इसलिए आप जोड़ सकते हैं कि पिछले पांच दिनों में हमारा कितना नुकसान हुआ है।" बहरहाल उन्होंने कहा कि उड़ानों के संचालित नहीं होने से हवाई ईंधन (एटीएफ) जैसी कुछ मदों में मामूली बचत हुई।
पिछले पांच दिनों में जेट ने अपने करीब 60 प्रतिशत यात्रियों को अन्य विमानन कंपनियों और अपनी सहयोगी एयरलाइन जेटलाइट में स्थानांतरित करने का प्रयास किया।
पायलटों की बाकी मांगों को सुलझाने के लिए दत्ता ने प्रबंधन और कर्मचारियों के प्रतिनिधित्व वाली एक सलाहकार संस्था के गठन की भी घोषणा की। फैसलों को सही तरीके से लागू करने के लिए समिति में कंपनी के दो कार्यकारी निदेशक और मुख्य कार्यकारी अधिकारी के साथ पायलटों के दो प्रतिनिधि भी शामिल होंगे।
इस बीच यात्रियों को अपनी ओर लुभाने के लिए जेट एयरवेज ने अगले पांच दिनों तक किराए में 50 प्रतिशत की छूट देने की घोषणा की है। विमानन कंपनी ने कहा कि छूट पूरे किराए पर लागू होगी जिसमें मूल किराया और ईंधन अधिभार शामिल है। सभी घरेलू उड़ानों में इकॉनामी श्रेणी के यात्रियों को सोमवार से शुक्रवार तक यह छूट मिलेगी।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


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