परिसीमन ने हरियाणा में बिगाड़ा नेताओं का गणित
जयदीप सरीन
चंडीगढ़, 13 सितम्बर (आईएएनएस)। परिसीमन ने हरियाणा विधानसभा चुनाव में कई दिग्गज नेताओं का गणित बिगाड़ दिया है। पूर्व मुख्यमंत्री ओम प्रकाश चौटाला और राज्य के ऊर्जा मंत्री रणदीप सिंह सूरजेवाला सहित कई दिग्गज नेताओं की एक सुरक्षित सीट की तलाश अभी तक पूरी नहीं हो पाई है।
इंडियन नेशनल लोकदल (इनलो) के अध्यक्ष चौटाला ने जिंद जिले की उछनाकलां विधानसभा सीट से चुनाव लड़ने की घोषणा तो कर दी है लेकिन परिसीमन के चलते इस विधानसभा सीट के बिगड़े समीकरणों ने उन्हें इस कदर आशंकित कर दिया है कि वह अपने लिए एक अन्य सुरक्षित सीट तलाश रहे हैं।
यूं तो रोरी और नरवाना चौटाला की पारम्परिक सीट रही है लेकिन परिसीमन में रोरी को नए कालनवाली विधानसभा क्षेत्र में मिला दिया गया है। यह सीट आरक्षित हो गई है। नरवाना सीट भी आरक्षित हो गई है।
इसी वजह से चौटाला को उछनाकलां की ओर रुख करना पड़ा। यहां उनका मुकाबला प्रदेश के वित्त मंत्री वीरेन्द्र सिंह से है। पिछले लोकसभा चुनाव में इनेलो को इस विधानसभा सीट में लगभग 25000 की बढ़त मिली थी।
सूरजेवाला ने पिछले विधानसभा चुनाव में नरवाना से चौटाला का पराजित किया था लेकिन इस सीट के आरक्षित हो जाने से उन्हें भी अब नए सीट की तलाश है। चर्चा है कि नवगठित पंचकुला विधानसभा सीट से वह चुनाव लड़ सकते हैं।
भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) के पूर्व अध्यक्ष और राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री बंसीलाल के बेटे रणबीर सिंह महेंद्रा पिछले विधानसभा चुनाव में भिवानी जिले के मुंधाल कुर्द सीट से विजयी हुए थे। परिसीमन में उनकी यह सीट भी खत्म हो गई है। अब उन्हें भी नई सीट की तलाश है।
परिसीमन में राज्य सरकार में मंत्री मीना मंडल की विधानसभा सीट भी समाप्त हो गई है। इन सबके अलावा एक दर्जन से अधिक विधायकों की सीट या तो खत्म हो गई है या फिर उसका समीकरण बिगड़ गया है और समीकरण ने इसके साथ ही नेताओं का समीकरण भी बिगाड़ दिया है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


Click it and Unblock the Notifications