मजबूत व्यापारिक रिश्तों के हिमायती हैं बांग्लादेशी विशेषज्ञ
इस सिलसिले में विशेषज्ञों ने हाल में दोनों देशों के विदेश मंत्रियों के बीच हुई बैठक के दौरान दक्षिण एशियाई देशों के बीच संपर्क बढ़ाने पर बनी सहमति का स्वागत किया है। हालांकि उनका मानना है कि इस राह में तमाम रोड़े हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि भारत से पारगमन सुविधा मिलने से बांग्लादेश को नेपाल और भूटान में नए बाजार मिल सकते हैं। विशेषज्ञों ने भारत के पूर्वोत्तर राज्यों में आकर्षक बाजार न होने पर निराशा जताई है।
एक व्यापार विशेषज्ञ का कहना है कि नेपाल और भूटान के बाजार में पहुंचने के लिए संपर्क विकसित करने का विचार नया नहीं है।
समाचार पत्र 'डेली स्टार' ने विशेषज्ञों के हवाले से कहा है कि नेपाल और भूटान के साथ संपर्क बढ़ाने के संबंध में हुआ समझौता भारतीय क्षेत्र में तमाम बाधाओं के कारण कारगर नहीं हो पाया।
डेली स्टार की रविवार की रिपोर्ट में कहा गया है कि विशेषज्ञ यह स्वीकार करते हैं कि नेपाल और भूटान तक पहुंचने के लिए बांग्लादेश का बुनियादी ढांचा जर्जर है और इसमे सुधार की जरूरत है।
बांग्लादेशी व्यापारियों और अर्थशास्त्रियों की शिकायत है कि भारत आर्थिक मुद्दों पर बातचीत से कतराता है। उनका यह भी कहना है कि भारत को बांग्लादेश के प्रति अपनी धारणा बदलनी चाहिए।
अर्थशास्त्रियों का कहना है कि अगर सब कुछ ठीक रहता है तो नेपाल और भूटान, और भारत के पूर्वोत्तर राज्यों में बांग्लादेश नया बाजार हासिल कर सकता है और मोंगला बंदरगाह को फिर से व्यापार के लिए खोला जा सकता है।
इंडो-एशिएन न्यूज सर्विस।


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