निठारी कांड : पंधेर बरी, पीड़ित परिवार जाएगा सर्वोच्च न्यायालय (राउंडअप)
उच्च न्यायालय के इस फैसले से असंतुष्ट पीड़ित परिवार ने कहा कि मोनिंदर सिंह पंधेर को बरी किए जाने के फैसले को सर्वोच्च न्यायालय में चुनौती दी जाएगी।
अदालत ने शुक्रवार को यह फैसला 14 वर्षीय रिम्पा हालदार मामले में सुनाया। न्यायालय ने मुख्य आरोपी पंधेर को इस मामले में निर्दोष करार देते हुए बरी कर दिया। सीबीआई की अदालत ने पंधेर को मौत की सजा सुनाई थी।
पंधेर के वकील ने अदालत के समक्ष दलील रखी कि जिस वक्त यह घटना हुई उस समय पंधेर ऑस्ट्रेलिया में था।
नोएडा के निठारी गांव की रिम्पा उन 18 पीड़ितों में थी, जिनकी नोएडा में स्थित पंधेर की कोठी में बलात्कार के बाद हत्या हुई थी। इस मामले में पंधेर और कोली को इसी साल फरवरी में केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) की एक अदालत ने दोषी करार देते हुए मौत की सजा सुनाई थी। इस फैसले के खिलाफ आरोपियों ने इलाहाबाद उच्च न्यायालय में अपील की थी।
उधर उच्च न्यायालय के इस फैसले के आने के बाद नोएडा के निठारी में रिम्पा हालदार के परिजनों ने कहा कि वह इलाहाबाद उच्च न्यायालय के पंधेर को बरी किए जाने के फैसले को सर्वोच्च न्यायालय में चुनौती देंगे।
पंधेर को बरी किए जाने का फैसला आने के बाद नोएडा सेक्टर-31 में पंधेर के डी-45 बंगले के बाहर रिम्पा हालदार की मां डॉली हालदार ने आक्रोशित होकर पुलिस और सीबीआई के खिलाफ नारे लगाए।
हालदार के वकील खालिद खान ने कहा, "निठारी में हुई सिलसिलेवार हत्या और बलात्कार के मामले में हम इलाहाबाद उच्च न्यायालय के फैसले को सर्वोच्च न्यायालय में चुनौती देंगे।"
खान ने कहा कि अभी उन्हें फैसले की प्रति नहीं मिली है, लेकिन उन्होंने जांच एजेंसी पर उचित साक्ष्य पेश न कर पाने का आरोप लगाया।
पंधेर के आवास के बाहर बड़ी संख्या में लोग मौजूद थे। नजदीक के निठारी गांव से लोग भी यहां पहुंचे थे।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।
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