विपक्षी दलों ने की मायावती से इस्तीफे की मांग
सर्वोच्च न्यायालय ने शुक्रवार को उत्तर प्रदेश सरकार को लखनऊ में विभिन्न स्मारक स्थलों पर निर्माण, रखरखाव और मरम्मत के कार्य सहित सभी प्रकार की गतिविधियों को तत्काल रोकने का आदेश दिया। प्रमुख विपक्षी दल समाजवादी पार्टी (सपा) के प्रदेश प्रवक्ता राजेंद्र चौधरी ने शुक्रवार को आईएएनएस से कहा कि मुख्यमंत्री मायावती संविधान के अनुरूप काम नहीं कर रही हैं। उन्होंने कहा कि अदालत के आदेश के अवहेलना करने वाली इस सरकार को तत्काल बर्खास्त कर दिया जाना चाहिए।
कांग्रेस के प्रदेश प्रवक्ता सुबोध श्रीवास्तव ने कहा कि बहुजन समाज पार्टी(बसपा) सरकार राज्य में संविधान और कानून की धज्जियां उड़ाकर काम करती रही है। अदालत का यह फैसला मायावती सरकार के गाल पर कानून का बहुत बड़ा तमाचा है। उन्होंने कहा कि मायावती में अगर जरा सी भी शर्म हो तो वह अपने पद से तत्काल इस्तीफा दे दें।
उधर भारतीय जनता पार्टी(भाजपा) के प्रवक्ता हृदय नारायण दीक्षित ने कहा कि देश की सर्वोच्च अदालत की अवमानना करके बसपा सरकार ने शासन करने का नैतिक अधिकार खो दिया है। उन्होंने कहा कि मायावती को अपने पद से त्यागपत्र दे देना चाहिए।
उन्होंने कहा कि राज्य में संविधान के उपबंधों के तहत शासन नहीं हो रहा है। ऐसे में केंद्र सरकारी की जिम्मेदारी है कि वह अनुच्छेद 355 के तहत राज्य सरकार को नोटिस दे।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


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