रीयल एस्टेट विनियम विधेयक पर काम कर रही है सरकार : शैलजा
शहरी गरीबों के लिए वहनीय आवास पर गुरुवार को एक सम्मेलन का उद्घाटन करते हुए उन्होंने कहा कि भारतीय रीयल एस्टेट बाजार असंगठित और बिखरा हुआ है और अधिकांश संपत्ति कारोबार कुछ धारणाओं पर आधारित है।
उन्होंने कहा कि इन समस्याओं में से कुछ का हल बिल्डरों और विकासकर्ताओं के योग्यता निर्धारण से किया जा सकता है। मंत्री ने कहा कि एक परियोजना अथवा विकासकार्ता का मूल्यांकन विश्वास पैदा करता है और इससे यह सुनिश्चित होता है कि एक निर्धारित समय और निर्धारित मूल्य स्तर के भीतर एक वहनीय गुणवत्ता उत्पाद प्राप्त हो सकेगा।
मंत्री ने कहा कि वर्ष 2006-07 में इस क्षेत्र ने देश के कुल घरेलू उत्पाद में करीब 4़5 प्रतिशत और कुल शहरी कामगारों में लगभग 7 प्रतिशत का योगदान दिया।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


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