जेट एयरवेज के कर्मचारियों ने की पायलटों से हड़ताल खत्म करने की अपील
दिल्ली में जेट एयरवेज के एक कर्मचारी अश्वनी ने कहा, "हम पायलटों से आंदोलन वापस लेने की अपील करते हैं। हमारी एयरलाइन घाटे में चल रही है और अब पायलटों के विरोध के कारण हमारा राजस्व अन्य एयरलाइनों के पास जा रहा है। हमें वेतन कैसे मिलेगा।"
कर्मचारी ने कहा कि हालांकि पायलटों की समस्याओं के साथ उनका भावनात्मक लगाव है लेकिन विवाद के समाधान का रास्ता हमेशा बना रहता है।
एक अन्य महिला कर्मचारी जगजीत कौर ने कहा, "हम पहले से ही मंदी के दौर से गुजर रहे हैं। वेतन में देरी होगी। एयरलाइन पहले से घाटे में चल रही है। पायलट हमारे भविष्य को खतरे में नहीं डाल सकते।"
उन्होंने कहा, "केवल छह सौ पायलटों की वजह से 13 हजार कर्मचारियों को पीड़ित नहीं किया जाना चाहिए। हम संकट की इस घड़ी में कंपनी के चेयरमैन नरेश गोयल के साथ हैं।"
पायलटों की कथित हड़ताल के कारण पिछले दो दोनों में करीब 450 उड़ानें रद्द हो चुकी है और करीब 28 हजार यात्रियों को परेशानी झेलनी पड़ी है।
गुरुवार को 230 घरेलू और अंतर्राष्ट्रीय उड़ानें रद्द करनी पड़ी।
इस बीच जेट एयरवेज प्रबंधन ने बंबई उच्च न्यायालय में एक अवमानना याचिका दाखिल की है।
एयरलाइन के प्रवक्ता के मुताबिक बंबई उच्च न्यायालय के न्यायाधीश डी. वाई. चंद्रचूड़ ने कहा है कि पायलटों के संघ 'नेशनल एविएटर्स गिल्ड' को अवमानना नोटिस जारी किया जा सकता है। इस बारे में सोमवार को सुनवाई होगी।
इधर, गिल्ड के अध्यक्ष गिरीश कौशिक ने आईएएनएस से कहा, "हम और हमारे साथी अपने संवैधानिक अधिकार के लिए लड़ रहे हैं। हम इस पूरे मामले से काफी दुखी हैं। कोई हमारा सहयोग नहीं कर रहा है।"
उन्होंने कहा, "मुझे डर है कि वे हमें टाडा के तहत बंद न कर दें।"
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।
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