अरूणाचल से लगे इलाके में चीनी गतिविधियों पर करीबी नजर : कृष्णा
समाचार चैनल 'हेडलाइंस टुडे' को एक साक्षात्कार में कृष्णा ने कहा, "यहां और वहां घुसपैठ को अधिक बढ़ाया-चढ़ाया नहीं जाना चाहिए। चीन के साथ हमारी लंबी सीमा है और हम साझेदारी को विकसित होते देखना चाहते हैं।"
लंबे समय से चल रहे सीमा विवाद को हल करने के लिए विशेष प्रतिनिधियों के बीच 13 दौर की वार्ताओं का हवाला देते हुए कृष्णा ने कहा कि दोनों पक्ष सीमा विवाद पर चर्चा में लगे हैं और पहले ही 13 बार बैठक कर चुके हैं।
तिब्बत और पूरी सीमा पर चीन के सैन्य और आधारभूत ढांचे के निर्माण के खिलाफ भारत की तैयारी के बारे में पूछे जाने पर कृष्णा ने कहा, "हम अरूणाचल प्रदेश और अन्य स्थानों पर चीनी निर्माणों की निगरानी कर रहे हैं। हमारी रक्षा तैयारी एक नियमित प्रक्रिया है।"
उल्लेखनीय है कि पूरे अरूणाचल प्रदेश पर चीन अपना दावा जताता है।
चीन और नेपाल की बढ़ती नजदीकी के बारे में भारत के कुछ हलकों में बढ़ती चिंता को दूर करने का प्रयास करते हुए कृष्णा ने कहा, "नेपाल हमारी सुरक्षा चिंताओं को समझता है और उसने आश्वासन दिया है कि वह अपनी धरती से हमारे खिलाफ कार्य करने की अनुमति किसी देश को नहीं देगा।"
इस सप्ताह के आरंभ में कृष्णा ने कहा था कि जहां भी कोई घुसपैठ की घटना होगी दोनों पक्ष फ्लैग मीटिंग और राजनयिक माध्यमों से उस विवाद को निपटाएंगे।
भारत और चीन के बीच वर्ष 2005 में तय प्रोटोकाल के अनुसार किसी भी घुसपैठ के 48 घंटे के भीतर घुसपैठ के स्पष्टीकरण के लिए एक फ्लैग मीटिंग आयोजित होगी। इसके बाद घुसपैठ का आरोप लगाने वाला देश मामले की जांच करेगा और चार सप्ताह के भीतर परिणाम से दूसरे पक्ष को अवगत कराएगा।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।
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