स्कूल में भगदड़ से 5 छात्राओं की मौत, 34 घायल (लीड-3)
यह हादसा गुरुवार सुबह उत्तर-पूर्व दिल्ली के खजूरी खास इलाके के एक सरकारी उच्चतर माध्यमिक विद्यालय में हुआ। राजधानी में बुधवार शाम से जारी बारिश की वजह से विद्यालय परिसर में घुटनों तक पानी भर गया था। घटना के अधिकांश शिकारों में कक्षा सात, आठ, नौ और 10 की छात्राएं हैं जो अर्धवार्षिक परीक्षा के लिए बारिश के बीच स्कूल पहुंची थीं।
दिल्ली पुलिस के संयुक्त आयुक्त धर्मेन्द्र कुमार ने आईएएनएस से कहा कि पांच लड़कियों की मौत हुई है और 34 घायल हुईं हैं। घायलों का इलाज गुरु तेगबहादुर अस्पताल में चल रहा है।
आरंभिक रिपोर्टों के अनुसार गुरुवार सुबह जब छात्राएं विद्यालय पहुंची तो किसी ने विद्यालय परिसर में घुटनों तक भरे पानी में करंट की अफवाह उड़ा दी। इसके बाद भगदड़ मच गई।
दूसरी ओर एक अन्य वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने कहा, "कहा जा रहा है कि कुछ लड़के छात्राओं के साथ छेड़छाड़ कर रहे थे, जिस वजह से भगदड़ मची हालांकि इसकी पुष्टि नहीं हुई है। हम मामले की जांच कर रहे हैं ताकि भगदड़ की वजह का पता चल सके।"
गुरु तेग बहादुर अस्पताल के आपातकालीन विभाग के प्रमुख जे.पी. कपूर ने आईएएनएस को बताया कि घायलों में कम से कम पांच की हालत गंभीर बनी हुई है।
मुख्यमंत्री शीला दीक्षित ने अस्पताल का दौरा किया। उन्होंने हादसे पर खेद व्यक्त करते हुए कहा कि पुलिस उपायुक्त के नेतृत्व में एक दल मामले की जांच करेगा और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
दीक्षित ने हादसे में मारी गई छात्राओं के परिजनों को एक-एक लाख रुपये और गंभीर रूप से घायलों को 50,000 रुपये मुआवजा देने की घोषणा की।
विधानसभा में विपक्ष के नेता वी.के.मल्होत्रा ने कहा कि घटना की उपयुक्त जांच की जानी चाहिए और सरकार को अन्य स्कूलों पर भी ध्यान देना चाहिए।
केंद्रीय मानव संसाधन मंत्री कपिल सिब्बल ने कहा कि स्कूल में भगदड़ एक त्रासदी है। राज्य का मामला होते हुए भी यह पूरी तरह अस्वीकार्य है। ऐसी व्यवस्था की आवश्यकता है जिससे भविष्य में ऐसी त्रासदी न हो। उन्होंने मृतकों के परिवारों के प्रति संवेदना प्रकट की।
इस घटना के बाद छात्राओं के परिजनों ने विरोध स्वरूप विद्यालय के बाहर सड़क पर जाम लगा दिया। विद्यालय परिसर के बाहर और अस्पताल के आसपास सुरक्षा बढ़ा दी गई है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


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