आतंकवाद से निपटने के समझौते पर हस्ताक्षर करेंगे भारत और बांग्लादेश
अविश्वास के दौर को पीछे छोड़कर द्विपक्षीय संबंधों को आगे बढ़ाने का संकेत देते हुए दोनों देशों ने दोहराया कि वे एक दूसरे के सुरक्षा हितों के खिलाफ आतंकवादियों को अपनी जमीन का उपयोग करने की अनुमति नहीं देंगे। उन्होंने आतंकवादी हमलों को रोकने में सहयोग के विस्तार का भी वादा किया।
बांग्लादेश की विदेश मंत्री दीपू मोनी की चार दिवसीय भारत यात्रा के गुरुवार को समाप्त होने के अवसर पर जारी एक संयुक्त बयान में इन तीनों समझौतों पर हस्ताक्षर की बात सामने आई है।
दोनों देश आपराधिक मामलों पर कानूनी सहायता देने, सजायाफ्ता लोगों के हस्तांतरण और आतंकवाद, संगठित अपराध के साथ ही नशीले पदार्थो की तस्करी से निपटने के लिए समझौते करने पर राजी हुए हैं।
मोनी ने विदेश मंत्री एस.एम. कृष्णा के साथ प्रतिनिधिमंडल स्तरीय वार्ता की। उन्होंने प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह, वित्त मंत्री प्रणब मुखर्जी और जल संसाधन मंत्री पवन कुमार बंसल से भी भेंट की।
मनमोहन सिंह ने मोनी से कहा कि भारत, बांग्लादेश के साथ संबंधों को सर्वोच्च प्राथमिकता देता है। उन्होंने शेख हसीना को भारत यात्रा का अपना निमंत्रण दोहराया।
सिंह ने उम्मीद जताई कि मोनी की यात्रा से द्विपक्षीय संबंधों का एक नया अध्याय शुरू होगा।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।
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