अलग मत्स्य पालन मंत्रालय के गठन की मांग खारिज
नई दिल्ली, 10 सितम्बर (आईएएनएस)। मत्स्य पालन को कृषि मंत्रालय से अलग कर एक स्वतंत्र मत्स्य पालन मंत्रालय गठन करने की मांग को सरकार ने खारिज कर दिया है। इसके पीछे उसका तर्क है कि संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन (संप्रग) सरकार ने मत्स्य पालन पर पर्याप्त ध्यान दिया है।
केरल के अलप्पुझा से कांग्रेस सांसद के. सी. वेणुगोपाल ने स्वतंत्र मत्स्य पालन मंत्रालय गठन करने की मांग की थी।
उनकी इस मांग के लिखित जवाब में प्रधानमंत्री कार्यालय (पीएमओ) में राज्यमंत्री पृथ्वीराज चव्हाण ने कहा, "पीएमओ ने इस मामले की समीक्षा की और इस बात पर सहमति जताई कि देश में मत्स्य पालन से जुड़े व्यापक संसाधन हैं और 1.4 करोड़ लोग इस क्षेत्र से जुड़े हैं तथा अपना जीविकोपार्जन चला रहे हैं।"
उन्होंने कहा, "पशुपालन, डेयरी और मत्स्यपालन कृषि मंत्रालय के अधीन एक स्वतंत्र एवं स्वायत्त विभाग है। इस विभाग में भी मत्स्य पालन पूरी तरह से स्वतंत्र है जिसमें इससे जुड़े पेशेवर और तकनीकी विशेषज्ञ हैं।"
चव्हाण ने कहा, "आप इस बात से सहमत होंगे कि संप्रग सरकार ने अपने अब तक के कार्यकाल में मत्स्य पालन के क्षेत्र में पर्याप्त ध्यान दिया है।"
इस क्षेत्र में सरकार की ओर से चलाई जा रही योजनाओं का जिक्र करते हुए चव्हाण ने कहा, "इन योजनाओं ने मत्स्य पालन के क्षेत्र में उत्प्रेरक का काम किया है।" उन्होंने कहा कि वर्ष 2006 में सरकार ने हैदराबाद में राष्ट्रीय मत्स्य पालन विकास बोर्ड (एनएफडीबी) का गठन किया था जो अब पूरी तरह कार्यरत है और उस पर 1550 करोड़ रुपये का परिव्यय हो चुका है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।
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