मुद्रास्फीति की दर मामूली बढ़ी, लेकिन अब भी नकारात्मक (लीड-1)
वाणिज्य और उद्योग मंत्रालय की ओर से जारी थोक मूल्य सूचकांक के मुताबिक अगस्त के अंत तक खाद्य वस्तुओं की कीमतों में 14.8 फीसदी की वार्षिक वृद्धि दर्ज की गई।
दिल्ली स्कूल ऑफ इकोनॉमिक्स के प्रोफेसर श्रीराम खन्ना ने कहा, "सूखे के कारण यह स्थिति पैदा हुई है, इसके कारण देश भर में खाद्यानों का उत्पादन प्रभावित हुआ है।"
आंकड़ों के मुताबिक सप्ताह के दौरान प्राथमिक व विनिर्मित वस्तुओं के सूचकांक में बढ़ोतरी हुई जबकि ईंधन, बिजली, स्नेहक के सूचकांक में कोई बदलाव नहीं हुआ।
प्राथमिक वस्तुओं का सूचकांक 0.3 फीसदी बढ़कर 270.4 से 271.2 हो गया जबकि विनिर्मित वस्तुओं का सूचकांक 0.2 फीसदी बढ़कर 207.5 से 207.9 हो गया।
ईंधन व बिजली सूचकांक में कोई परिवर्तन नहीं हुआ और यह 343.3 पर बना रहा।
वर्ष 1995 में नए थोक मूल्य सूचकांक के शुरू होने के बाद से छह जून को समाप्त हुए सप्ताह के दौरान पहली बार मुद्रास्फीति की दर नकारात्मक स्थिति में पहुंची थी।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


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