झारखंड में भाजपा विधायकों का इस्तीफा (लीड-2)
भाजपा की प्रदेश इकाई के अध्यक्ष रघुवर दास, पूर्व मुख्यमंत्री अर्जुन मुंडा और पूर्व केंद्रीय मंत्री यशवंत सिन्हा के नेतृत्व में पार्टी के सभी विधायकों ने विधानसभा अध्यक्ष आलमगीर आलम से मुलाकात कर उन्हें अपने इस्तीफे सौंपे दिए।
इन नेताओं ने इससे पहले राज्यपाल के. शंकरनारायणन से भी मुलाकात की और उन्हें अपने इस्तीफे की प्रतियां सौंपी। विधायकों ने राज्यपाल को एक ज्ञापन भी सौंपा। इसके जरिए विधायकों ने राज्यपाल से प्रदेश से राष्ट्रपति शासन हटाने और विधानसभा भंग कर जल्द से जल्द चुनाव कराने की मांग की।
भाजपा विधायकों के इस्तीफे के बाद विधानसभा के सदस्यों की संख्या घटकर 43 हो गई है।
रघुवर दास ने संवाददाताओं से बातचीत में कहा कि हाल ही में हरियाणा, महाराष्ट्र और अरुणाचल प्रदेश- तीन राज्यों में चुनाव कराने की घोषणा की गई है लेकिन झारखंड में चुनाव नहीं हो रहे हैं।
उन्होंने कहा कि भाजपा राज्य विधानसभा को तत्काल भंग करने और चुनाव कराने की मांग कर रही है।
दास ने कहा कि झारखंड में राष्ट्रपति शासन का कार्यकाल बढ़ाते हुए केंद्रीय गृह मंत्री पी. चिदंबरम ने संसद को आश्वस्त किया था कि मानसून के बाद झारखंड में चुनाव कराए जाएंगे लेकिन ऐसा नहीं हुआ। उन्होंने आरोप लगाया कि राज्यपाल राज्य में कांग्रेस के पक्ष में माहौल तैयार कराने की कोशिश कर रहे हैं।
भाजपा के आरोपों का जवाब देते हुए कांग्रेस की प्रदेश इकाई के प्रवक्ता रवीन्द्र सिंह ने कहा, "चुनाव दो महीने बाद हो तो क्या दिक्कत है। भाजपा विधायकों ने उस वक्त इस्तीफा क्यों नहीं दिया, जब राष्ट्रपति शासन लगाया गया था।"
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।
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