एक और हत्या के बाद शोपियां पूरी तरह बंद रहा (लीड-1)
एक अधिकारी ने कहा कि कस्बे में दिन भर विरोध प्रदर्शन जारी रहे, परिणामस्वरूप सामान्य जनजीवन अस्त-व्यस्त रहा और दुकानें, अन्य कारोबार व स्कूल बंद रहे। सरकारी कार्यालयों में मामूली उपस्थिति रही।
पुलिस ने कहा है कि प्रापर्टी डीलर मुहम्मद हुसैन जरगर (42) का शव बरामद होने के बाद स्थिति तनावपूर्ण बनी हुई है, लेकिन कोई अप्रिय दुर्घटना नहीं घटी है।
जरगर को शनिवार को कुछ लोगों ने उनके घर से अगवा कर लिया था। पुलिस ने उनका शव मंगलवार को एक बगीचे से बरामद किया।
इस हत्या की खबर आते ही कस्बे में तनाव व्याप्त हो गया।
शोपियां शहर आसिया जान (17) व उसकी भाभी नीलोफर (22) की हत्या के बाद से ही सुलग रहा है। दोनों महिलाओं के शव 30 मई को उनके गांव के बगल से बहने वाले एक नाले के पास से बरामद किए गए थे।
जरगर, इस बलात्कार-हत्या मामले में न्याय की लड़ाई के लिए गठित की गई मजलिस-ए-मशावरात समिति के एक सदस्य थे।
समिति के अध्यक्ष मोहम्मद शफी खान ने आईएएनएस को बताया, "मोहम्मद हुसैन जरगर मजलिस के एक बेहद सक्रिय सदस्य थे।"
खान ने आशंका जताई है कि यह कश्मीर पुलिस के स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप की करतूत हो सकती है। लेकिन पुलिस ने इस आरोप से इंकार किया है।
खान के अनुसार जरगर को खून से लथपथ अवस्था में पाया गया था। उन्होंने कहा, "हम नहीं बता सकते कि उन्हें किस तरह की चोट लगी हुई थी, क्योंकि पुलिस तत्काल शव को लेकर एक अस्पताल चली गई।"
चूंकि जरगर की हत्या का कारण अज्ञात है, लिहाजा पुलिस पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार कर रही है।
खान ने कहा है कि उनके संगठन ने इस हत्याकांड के विरोध में बुधवार से बेमियादी हड़ताल का आह्वान किया है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।
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