लाल बहादुर शास्त्री की घड़ी चोरी (लीड-1)
मध्य दिल्ली में स्थित 'लाल बहादुर शास्त्री मेमोरियल' में रखी यह सोने की घड़ी विगत तीन सितंबर को चोरी हो गई। यह मेमोरियल कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी के आवास के निकट है।
शास्त्री के बेटे अनिल शास्त्री ने आईएएनएस से कहा, "मेरे पिता सोचते थे कि यह घड़ी काफी महंगी है। जब वह रूस से लौटे तो उन्होंने मुझसे पूछा कि क्या तुम सोने की घड़ी पहनना चाहते हो। मैंने हां कहा और मैंने उस घड़ी को 40 साल तक पहना। वर्ष 2005 में प्रधानमंत्री ने जब स्मारक का उद्घाटन किया तो मैंने इस घड़ी को स्मारक को सौंप दिया।"
इससे पहले की रिपोर्ट में कहा गया था कि घड़ी वर्ष 1966 में ताशकंद समझौते दौरान शास्त्री को भेंट की गई थी। लेकिन अनिल शास्त्री ने कहा कि वर्ष 1965 में उनके पिता ने मास्को की यात्रा की थी और उसी दौरान उन्हें यह घड़ी भेंट की गई थी।
उन्होंने कहा, "मेरे पिता सहज और ईमानदार व्यक्ति थे। मैंने स्मारक में इस तरह की चोरी की कल्पना नहीं की थी। मैंने कभी नहीं सोचा था कि ऐसे व्यक्ति के स्मारक का भ्रमण करते हुए कोई व्यक्ति इसको चुराने के बारे में सोच सकता है।"
उन्होंने कहा कि इस घटना को घटे एक सप्ताह हो चुका है लेकिन इस बारे में कोई गिरफ्तारी नहीं हुई है।
उन्होंने कहा, "स्मारक के अधिकारियों ने मुझसे कहा कि तीन सितंबर को एक युगल ने काफी समय स्मारक में बिताया। हमने इस बारे में पुलिस को जानकारी दे दी है।"
अतिरिक्त पुलिस आयुक्त एस. दास ने आईएएनएस को बताया, "यह घटना पिछले सप्ताह की है लेकिन इसकी सूचना तीन दिन बाद दी गई। चोरी भी सिर्फ घड़ी की गई। इस समय हम यह नहीं कह सकते कि घड़ी किसने चोरी की।"
एक अन्य पुलिस अधिकारी ने कहा, "स्मारक के अधिकारियों ने हमें बताया कि पहले उन्होंने आंतरिक जांच की और जब वह घड़ी का पता नहीं लगा पाए तो उन्होंने मामला दर्ज कराने का निर्णय लिया।"
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


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