एटीएस देगा निजी सुरक्षागार्डो को विशेष प्रशिक्षण
प्रशिक्षण कार्यक्रम शुरू हो जाने के बाद मॉल, मल्टीप्लेक्स, फैक्ट्रियों और निजी कंपनियों में उन्हीं निजी सुरक्षागार्डो को तैनात किया जाएगा, जिन्होंने एटीएस से 60 घंटे का विशेष प्रशिक्षण हासिल किया होगा।
प्रदेश के अपर पुलिस महानिदेशक (कानून-व्यवस्था) द्वितीय, अरविंद कुमार जैन ने आईएएनएस को बताया कि एटीएस के विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम का प्रमुख उद्ददेश्य निजी सुरक्षागार्डो को आतंकी वारदातों के प्रति सजग बनाना है।
जैन ने कहा कि निश्चति तौर पर यह प्रशिक्षण कार्यक्रम निजी सुरक्षागार्डो को आतंकी वारदात के दौरान पुलिस की मदद करने में सक्षम बनाएगा। अधिकारियों के मुताबिक ज्यादातर निजी सुरक्षागार्डो की भर्ती उनकी कद-काठी के आधार पर की जाती है। उन्हें किसी भी तरह का प्रशिक्षण नहीं दिया जाता है, जिस कारण वे किसी संकट की स्थिति से निपटने में सक्षम नहीं होते।
एटीएस अधिकारियों के मुताबिक इस विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम में निजी सुरक्षागार्डो को संदिग्धों पर नजर रखने का हुनर सिखाया जाएगा। उन्हें आतंकी हमले की सूचना के बाद वहां लोगों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाने तथा हमले की स्थिति से निपटने का तरीका भी सिखाया जाएगा।
इस प्रशिक्षण कार्यक्रम का एक अन्य महत्वपूर्ण हिस्सा निजी सुरक्षागार्डो को इस बात के लिए सक्षम बनाना होगा कि पुलिस और आतंक निरोधी दस्ते के आने तक आतंकियों को कैसे उलझाए रखा जाए।
60 घंटे के इस प्रशिक्षण कार्यक्रम को शुरू करने की अभी कोई तारीख तय नहीं की गई है, लेकिन एटीएस सूत्रों की मानें तो राज्य के गृह विभाग द्वारा इस प्रशिक्षण कार्यक्रम को जल्द शुरू करने के निर्देश दिए गए हैं।
सूत्रों के मुताबिक इस प्रशिक्षण कार्यक्रम को प्रदेश में चरणबद्ध तरीके से शुरू किया जाएगा। शुरुआत में लखनऊ और पश्चिमि उत्तर प्रदेश के कुछ जिलों के निजी सुरक्षागार्डो को प्रशिक्षित किया जाएगा।
निजी सुरक्षा एजेंसियों ने एटीएस के इस निर्णय का स्वागत किया है।
फेडरल सिक्योरिटीज के मालिक अरमान खान कहते हैं कि यह फैसला प्रशंसनीय है। एटीएस की तरफ से जो भी सहयोग मांगा जाएगा हम उसे देंगे। खान के मुताबिक इस कदम से आतंकवाद से निपटने में सरकार के मानव संसाधन क्षमता में बढ़ोतरी होगी।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।
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