अफगान आतंकवादी गुट की पश्चिम से गुप्त वार्ता?
नदीम सरवर और अकील यूसुफजई
इस्लामाबाद, 9 सितम्बर (आईएएनएस)। अफगानिस्तान की समस्या का हल निकालने के लिए वहां का एक आतंकवादी संगठन पश्चिमी अधिकारियों और राजनेताओं के संपर्क में है।
हिजबी इस्लामी गुलबुद्दीन (एचआईजी) संगठन के एक वरिष्ठ नेता ने एक विशेष साक्षात्कार में यह कहा है। इसका नेतृत्व अफगान युद्धनेता और पूर्व प्रधानमंत्री गुलबुद्दीन हिकमतयार के हाथ में है, जो पिछले सात वर्षो से छुपा हुआ है।
अमेरिका की छह वर्ष की कैद से पिछले वर्ष काबुल से रिहा होने वाले हिकमतयार के दामाद गैरत बाहीर ने इस्लामाबाद में डीपीए को बताया कि इस वर्ष के आरंभ में ब्रिटेन और जर्मनी सहित कई यूरोपीय देशों की यात्रा के दौरान वह पश्चिमी देशों के कई अधिकारियों और राजनेताओं से मिला।
उसने कहा कि वह पश्चिमी देशों की कुछ महत्वपूर्ण हस्तियों सहित अनेक राजनेताओं से भेंट के दौरान अफगान मुद्दे पर अपने-अपने नजरिए का आदान-प्रदान किया।
सोवियत संघ के खिलाफ प्रतिरोध के दौर में बाहीर ने एचआईजी के विदेशी मामलों का कार्यभार संभाला था और वर्ष 1993 में हिकमतयार के काबुल पर कब्जा करने के बाद भी इस पद बना रहा।
तालिबान द्वारा सत्ता से बेदखल किए जाने के बाद हिकमतयार वर्ष 2001 में अमेरिकी सेनाओं के हमले के बाद सक्रिय हुआ।
उसके समूह का नजदीकी संबंध तालिबान और अल कायदा के साथ माना जाता है।
बाहीर को पाकिस्तानी खुफिया एजेंसियों ने इस्लामाबाद स्थित उसके जिस आवास से गिरफ्तार किया था, उसने उसी आवास पर डीपीए को साक्षात्कार दिया।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


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