ईरानी परमाणु कार्यक्रम में पाकिस्तानी हाथ : ए.क्यू. खान
पाकिस्तान के टेलीविजन चैनल 'आज' को हाल में दिए एक साक्षात्कार में खान ने कहा कि वर्षो पहले ईरान के गुप्त परमाणु कार्यक्रम को आगे बढ़ाने के लिए उन्होंने और वरिष्ठ पाकिस्तानी अधिकारियों ने आपूर्तिकर्ताओं के एक तंत्र के बारे में ईरान का मार्गदर्शन किया था।
उन्होंने कहा कि दुबई के विश्वसनीय स्रोत से पाकिस्तान के माध्यम से तेहरान के लिए उपकरणों की गुप्त खरीद में उन्होंने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी।
ईरान के परमाणु कार्यक्रम को पाकिस्तानी समर्थन के बारे में खान का बयान पहली आधिकारिक स्वीकारोक्ति है।
अंतर्राष्ट्रीय दबाव के कारण पूर्व राष्ट्रपति परवेज मुशर्रफ द्वारा नजरबंद किए गए वैज्ञानिक ने कहा कि यदि ईरान परमाणु प्रौद्योगिकी हासिल करने में सफल होता है तो क्षेत्र में अंतर्राष्ट्रीय दबाव को खत्म करने के लिए यह मजबूत गुट होगा। ईरान की परमाणु क्षमता इजरायल की ताकत को बेअसर कर देगी।
खान ने उत्तर कोरिया से पाकिस्तान को महत्वपूर्ण मिसाइल प्रौद्योगिकी मिलने की पुष्टि की लेकिन इस पर टिप्पणी करने से इंकार कर दिया कि उन्होंने उत्तर कोरिया के परमाणु कार्यक्रम में सहयोग दिया या नहीं।
वाशिंगटन और पाकिस्तान के पूर्व वरिष्ठ अधिकारियों के अनुसार खान ने बम बनाने के लिए उत्तर कोरिया की यूरेनियम संवर्धित करने की क्षमता के विकास में भूमिका निभाई।
समाचार पत्र 'वाशिंगटन पोस्ट' के अनुसार खान ने स्वीकार किया कि उत्तर कोरिया के इंजीनियरों ने पाकिस्तान के परमाणु संयंत्रों का दौरा किया और विभिन्न गतिविधियों को देखा लेकिन परमाणु संयंत्र का दौरा करने और कुछ मशीनों का काम देख लेने से परमाणु प्रौद्योगिकी नहीं सीखी जा सकती।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


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