कृषि उत्पादों का निर्यात 2014 तक हो जाएगा दोगुना : सरकार
कृषि एवं प्रसंस्कृत खाद्य उत्पाद निर्यात विकास प्राधिकरण के अनुमानों के मुताबिक वर्ष 2014 तक वैश्विक कृषि उत्पाद निर्यात में भारत की हिस्सेदारी दो फीसदी से बढ़कर पांच फीसदी हो जाएगी।
एसोसिएटेड चैंबर्स ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री की ओर से आयोजित एक सम्मेलन में प्राधिकरण के अध्यक्ष एस. दवे ने कहा, "हमें विकसित देशों में अपना निर्यात बढ़ाने की बहुत जरूरत है।"
ताजा व प्रसंस्कृत सब्जियों, फलों, पशुधन और अनाजों के निर्यात में वर्ष 2008-09 में रुपये में 24 फीसदी की वृद्धि दर्ज की गई जबकि डॉलर में यह वृद्धि 10 फीसदी की थी। इस दौरान 39 हजार करोड़ रुपये के कृषि उत्पादों का निर्यात किया गया।
दवे ने कहा, "अंतर्राष्ट्रीय बाजार में उपभोग के तरीकों में तेजी से बदलाव हो रहा है। आज सुविधाजनक खाद्य उत्पादों, जैविक खाद्य उत्पादों, पौष्टिक खाद्य उत्पादों आदि की विशेष जरूरत है।"
उन्होंने कहा कि तैयार खाद्य पदार्थो और जैविक उत्पाद के क्षेत्र में देश ने काफी उपलब्धि हासिल की है लेकिन इसमें गुणवत्ता लाने के लिए काफी कुछ करने की जरूरत है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


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