अब तक अनसुलझी है हेलीकॉप्टर हादसे की गुत्थी
अब तक स्पष्ट नहीं हो सका है कि यह दुर्घटना मानवीय भूल की वजह से हुई या फिर यह तकनीकी खराबी का नतीजा थी।
उल्लेखनीय है कि दो सितंबर को रेड्डी का हेलीकॉप्टर बेल-430 नल्लामल्ला के जंगलों में दुर्घटनाग्रस्त हो गया था जिसमें मुख्यमंत्री सहित पांच लोगों की मौत हो गई थी।
नागरिक उड्डयन महानिदेशालय और राज्य पुलिस की अपराध जांच शाखा (सीआईडी) के प्रमुख व दो विशेषज्ञों की समित अब तक इसी सवाल का जवाब ढूंढने के लिए जद्दोजहद कर रही है कि आखिर इस हादसे की वजह क्या थी।
अधिकारी इस मामले की चार स्तरों पर जांच कर रहे हैं। कई सवालों के जवाब ढूंढे जाने हैं। मसलन मौसम संबंधी चेतावनी क्यों नहीं दी गई? क्या उड़ान भरने से पहले हेलीकॉप्टर की अच्छी तरह जांच की गई थी? क्या हेलीकॉप्टर के साथ इमरजेंसी लोकेटर ट्रांसमीटर (ईएलटी) था? या फिर पायलटों और हवाई यातायात नियंत्रण से जुड़े कर्मचारियों की ओर किसी प्रकार की चूक हुई थी?
मलबे से बरामद हुए हेलीकॉप्टर के 'कॉकपिट वायस रिकॉर्डर' (सीवीआर) यानी ब्लैक बॉक्स की सघन जांच अभी की जानी है। राज्य की गृह मंत्री पी. सविता इंद्र रेड्डी ने कहा, "अगर जरूरत पड़ी तो सीवीआर को जांच के लिए अमेरिका भेजा जाएगा।"
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।
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