स्वाइन फ्लू से 4 और मरे, मृतकों की संख्या 135 हुई (राउंडअप)
देश में सोमवार को फ्लू के 147 नए मामले सामने आए हैं। इसके साथ ही फ्लू पीड़ितों की संख्या बढ़ कर 4,885 हो गई है।
गोवा के अलावा दिल्ली और कर्नाटक में एक-एक मौत हुई है।
नई दिल्ली में दुर्गा प्रसाद शर्मा (69) की स्वाइन फ्लू के कारण सोमवार को अपराह्न् मौत हो गई।
राम मनोहर लोहिया अस्पताल के चिकित्सा अधीक्षक एन.के.चतुर्वेदी ने आईएएनएस को बताया, "शर्मा को 28 अगस्त को अस्पताल में भर्ती किया गया था। वह पिछले 18 वर्षो से अस्थमा से पीड़ित थे।"
इस बीच नई दिल्ली में 34 नए मामले प्रकाश में आए हैं। दिल्ली में फ्लू पीड़ितों की संख्या 843 हो गई है।
स्वाइन फ्लू के भय से दिल्ली में सोमवार को तीन पब्लिक स्कूलों को बंद कर दिया गया। इन स्कूलों के कुछ विद्यार्थियों में इनफ्लूएंजा ए (एच1एन1) वायरस की पुष्टि हुई है।
जहां द्वारका स्थित विश्व भारती पब्लिक स्कूल को दो दिनों के लिए बंद किया गया है, वहीं वसंत कुंज स्थित हेरिटेज ग्रोव पब्लिक स्कूल और लोधी कॉलोनी स्थित बेन्यान ट्री स्कूल को एक सप्ताह के लिए बंद किया गया है।
विश्व भारती पब्लिक स्कूल के एक अधिकारी ने कहा, "स्कूल को दो दिनों के लिए बंद किया गया है और बुधवार से स्कूल फिर से खुल जाएगा। स्कूल के एक छात्र में फ्लू के वायरस की पुष्टि हुई है।"
बेंगलुरू में एक 29 वर्षीय महिला ने फ्लू के कारण सोमवार को दम तोड़ दिया। महिला गर्भवती थी।
सरकारी आंकड़ों के मुताबिक इस बीमारी से देश में अबग तक कुल 135 लोगों की मौत हो चुकी है।
कर्नाटक राजधानी बेंगलुरू में इस बीमारी से मरने वालों की संख्या 36 हो गई है।
महाराष्ट्र में सोमवार को 32 नए मामले प्रकाश में आए हैं। इसके साथ ही वहां फ्लू पीड़ितों की संख्या 1,855 हो गई है।
केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री गुलाम नबी आजाद ने सोमवार को कहा है कि स्वाइन फ्लू यहां बना रहेगा और हमारे लाख प्रयासों के बावजूद फैलता रहेगा, लेकिन इसकी तत्काल पहचान, सही उपचार और आम जागरूकता के जरिए देश इस पर लगाम लगा रहा है।
आजाद ने कहा है कि वैश्विक स्तर पर महामारी बन चुकी इस बीमारी के फैलाव को रोकने के दौरान प्रशासन को कुछ नसीहतें मिली हैं।
आजाद ने काठमांडू में आयोजित विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) के दक्षिण-पूर्व एशिया क्षेत्र के स्वास्थ्य मंत्रियों की 27वीं बैठक और डब्ल्यूएचओ दक्षिण-पूर्व एशिया क्षेत्र की 62वीं क्षेत्रीय समिति सत्र के दौरान कहा, "स्वाइन फ्लू के विस्तार को रोकने के लिए इसकी तत्काल पहचान, पुष्ट मामलों का पूर्ण उपचार और जागरूकता पैदा करने के लिए जन-जागरण महत्वपूर्ण हैं।"
यह वार्षिक बैठक स्वास्थ्य मुद्दों पर प्रगति की समीक्षा और भावी कार्रवाई का खाका तैयार करने का एक मंच है।
यहां जारी एक बयान के अनुसार आजाद ने कहा है, "फ्लू का वायरस यहां बना रहेगा और हमारे लाख प्रयासों के बाद भी इसका फैलाव होता रहेगा।"
आजाद ने कहा है कि भारत संदिग्ध रोगियों की तत्काल पहचान करने और उनका समय रहते निदान व इलाज करने पर अपना ध्यान केंद्रित किए हुए है।
आजाद ने कहा कि प्रयोगशाला की जांच क्षमता बढ़ा दी गई है और राष्ट्रीय, राज्य व जिला स्तर पर जुटाए गए चिकित्सकों के द्रुत प्रतिक्रिया दल गठित कर दिए गए हैं।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।
*


Click it and Unblock the Notifications