गया में सबसे महत्वपूर्ण है प्रेतशिला वेदी
मान्यता है कि प्रेतशिला वेदी में श्राद्घ कर्म करने से पूर्वजों को प्रेतत्व से मुक्ति मिलती है। गया से लगभग चार किलोमीटर की दूरी पर स्थित प्रेतशिला वेदी तक पहुंचने के लिए 873 फुट ऊंची प्रेतशिला पहाड़ी के शिखर तक जाना पड़ता है।
ऐसे तो सभी पिंडदान करने वाले इस वेदी तक पहुंचते हैं लेकिन शारीरिक रूप से कमजोर लोगों को यहां तक पहुंचना मुश्किल होता है। ऐसे लोगों के लिए यहां पालकी की व्यवस्था भी है, जिस पर सवार होकर वे यहां तक पहुंचते हैं।
गया के एक पंडा श्यामलाल गायब ने आईएएनएस को बताया कि मान्यता है कि प्रेतशिला वेदी के पास विष्णु भगवान के चरण के निशान हैं तथा इस वेदी के पास पत्थरों में दरार है। कहा जाता है कि यहां पिंडदान करने से अकाल मृत्यु को प्राप्त पूर्वजों को मोक्ष की प्राप्ति होती है।
श्यामलाल ने बताया कि ऐसी सभी वेदियों पर तिल, गुड़, जौ आदि से पिंड समर्पित किया जाता है लेकिन प्रेतशिला में तिल मिश्रित सत्तू दिया जाता है। उन्होंने बताया, "पूर्वज जो मृत्यु के बाद प्रेतयोनि में प्रवेश कर जाते हैं तथा अपने ही घर में लोगों को तंग करने लगते हैं उनका यहां पिंडदान हो जाने से उन्हें शांति मिल जाती है और वे मोक्ष को प्राप्त कर लेते हैं।"
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।
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