नेपाल में पशुपतिनाथ के बाद अब बुद्ध जन्मस्थली को लेकर विवाद
बौद्ध धर्म के संस्थापक गौतम बुद्ध 623 ईसा पूर्व दक्षिणी नेपाल के लुंबिनी में राजकुमार सिद्धार्थ के रूप में पैदा हुए थे। यह स्थान दुनिया के सर्वाधिक पवित्र स्थलों में से एक है। प्रति वर्ष यहां हजारों पर्यटक आते हैं।
जापानी वास्तुकार केंजो टैंजे ने इस स्थल के विकास के लिए 30 साल पहले एक मास्टर प्लान तैयार किया था, लेकिन देश में जारी हिंसा, राजनीतिक संकट और कोष के अभाव के कारण यह मास्टर प्लान आज तक जमीन पर नहीं उतर पाया है।
प्रधानमंत्री माधव कुमार नेपाल की नई सरकार के मई में सत्ता में आने के बाद अब एक नई कानूनी लड़ाई शुरू हो गई है।
लुंबिनी डेवलपमेंट ट्रस्ट के सदस्य सचिव राजेंद्र थापा मागर नई सरकार के उस निर्णय के खिलाफ सर्वोच्च न्यायालय में लड़ाई लड़ रहे हैं, जिसके तहत सरकार ने उन्हें और ट्रस्ट के एक अन्य वरिष्ठ अधिकारी को हटाने की बात की है।
इसके पहले की माओवादी सरकार ने थापा मागर की इस पद पर नियुक्ति की थी। उनका तीन साल का कार्यकाल 2010 में समाप्त होगा।
मागर ने कहा है, "नई सरकार ने पिछले महीने हमें हटाने का अनौपचारिक रूप से निर्णय ले लिया। चूंकि ट्रस्ट के एक अध्यक्ष खुद के गलत तरीके से हटाए जाने के खिलाफ अदालत में पहले से लड़ाई लड़ रहे हैं और उन्हें पुन: पद पर बहाल किया गया है, लिहाजा हमने भी सरकार के निर्णय के खिलाफ अदालत में जाने का फैसला किया।"
सर्वोच्च न्यायालय ने पिछले महीने सरकार को निर्देश दिया था कि जब तक यह विवाद हल नहीं हो जाता, तब तक वह ट्रस्ट में कोई बदलाव न करे।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


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