इशरत मामले में गुजरात का केंद्र ने भी किया था समर्थन : भाजपा
भाजपा प्रवक्ता रविशंकर प्रसाद ने संवाददाताओं से बातचीत में कहा, "एक महीने पहले ही केंद्र सरकार ने यह स्वीकार किया था कि इशरत आतंकवादी थी। गृह मंत्रालय ने खुले आम कहा था कि इशरत और उसके तीन अन्य साथी षडयंत्र का हिस्सा थे।"
उन्होंने जोर देकर कहा कि वह मुठभेड़ फर्जी नहीं थी बल्कि पूरी तरह सही और कानूनी रूप से आवश्यक थी।
ज्ञात हो कि 15 जून 2004 को अमहदाबाद पुलिस की अपराध शाखा ने इशरत और उसके अन्य तीन साथियों को एक मुठभेड़ में मार गिराया था। बाद में इस मुठभेड़ को फर्जी करार दिया गया।
इसकी जांच के लिए गुजरात उच्च न्यायालय द्वारा गठित की गई समिति के अध्यक्ष मेट्रोपोलिटन मजिस्ट्रेट एस. पी. तमांग ने अपनी रिपोर्ट में सोमवार को कहा था कि जहां मुठभेड़ होने का दावा किया गया था दरअसल वहां कोई मुठभेड़ ही नहीं हुई थी।
इस रिपोर्ट के मुताबिक इशरत व तीन अन्य छात्र थे, जिन्हें 12 जून 2004 को मुंबई से अपहृत कर लिया गया था और उसके दो दिनों बाद सभी को मार दिया गया था।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।
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